
रायपुर, छत्तीसगढ़ में सरकारी खरीदी प्रणाली को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। उच्च शिक्षा विभाग ने GeM (Government e-Marketplace) पोर्टल के माध्यम से की गई सामग्री खरीदी में भारी अनियमितता पाए जाने पर पांच अधिकारी-कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई PM उषा योजना के तहत मिले फंड के दुरुपयोग से जुड़ी हुई है।
जांच में सामने आया कि नवीन वीरांगना रमोतिन माड़िया शासकीय आदर्श महिला महाविद्यालय, नारायणपुर में सामग्री खरीदी के दौरान छत्तीसगढ़ भंडार क्रय नियमों की अनदेखी करते हुए नियमों को दरकिनार कर भुगतान किया गया। इससे शासन को आर्थिक नुकसान हुआ।
निलंबित किए गए अधिकारी
- डॉ. योगेन्द्र कुमार पटेल – प्राचार्य
- भूषण जय गोयल – सहायक प्राध्यापक
- किशोर कुमार कोठारी – सहायक प्राध्यापक
- हरीश चंद बैद – सहायक प्राध्यापक
- नोहर राम – सहायक प्राध्यापक
सभी को निलंबन अवधि में क्षेत्रीय अपर संचालक, जगदलपुर कार्यालय में मुख्यालय अटैच किया गया है। नियमों के तहत उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
जांच में उजागर हुई गंभीर वित्तीय गड़बड़ी
उच्च शिक्षा आयुक्त डॉक्टर संतोष देवांगन द्वारा गठित जांच समिति ने मामले की विस्तृत पड़ताल कर रिपोर्ट सौंपी थी। रिपोर्ट में वित्तीय अनियमितता प्रमाणित होने के बाद विभाग ने तत्काल यह सख्त कार्रवाई की।
विभागीय जांच के आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन ने अब विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके तहत आगे और भी अधिकारियों की भूमिका की जांच की जा सकती है।
सूत्रों के अनुसार PM उषा जैसी महत्वपूर्ण योजना में इस तरह की गड़बड़ी से सरकार की छवि और शिक्षा व्यवस्था दोनों पर सवाल खड़े हुए हैं।



