छत्तीसगढ़रायपुर

धान उपार्जन केन्द्र टेकारी में 60 हजार कट्टा धान जाम , खरीदी हेतु जगह की किल्लत 

धान उपार्जन केन्द्र टेकारी में 60 हजार कट्टा धान जाम , खरीदी हेतु जगह की किल्लत 

रायपुर । मंदिर हसौद सहकारी बैंक शाखा के अधीन आने वाले ‌सोसायटी एवं धान उपार्जन केन्द्र टेकारी में अब तक खरीदे गये धान मे से 70 प्रतिशत का परिवहन न हो पाने की वजह से जाम पड़ा है । जाम धान की कुल मात्रा लगभग 60 हजार कट्टा है । जाम धान ‌की वजह से खरीदी में किल्लत हो ‌रही है जबकि अभी अवकाश के ‌दिनो को छोड़ 13 दिन ‌खरीदी हेतु शेष है और तकरीबन 40 हजार कट्टा धान की खरीदी बाकी है ।

3 ग्राम टेकारी , कुंडा व‌ खम्हरिया के लिये गठित इस सोसायटी का मुख्यालय ग्राम व खरीदी केंद्र टेकारी है । इस वर्ष इस केंद्र में अब तक लगभग 75 हजार कट्टा धान की खरीदी हो चुका है व महज 14 हजार कट्टा के आसपास ही परिवहन हो पाया है । जाम धान ‌की वजह से अब खरीदी हेतु जगह नहीं बचा है और जो थोड़ी सी जगह है वह धान रखने लायक नहीं है व असामयिक बरसात होने पर नुकसानी की आंशका है । परिवहन ठप्प होने की वजह से सूखती आने ‌की भी संभावना है और शुरुआत में खरीदे गये धान मे से जो थोड़ा बहुत धान का उठाव यदा-कदा किया भी गया है उसमें सूखत आया है जिसकी भरपायी अंततः सोसायटी को ही करना पड़ेगा व इससे सोसायटी को‌ ही आर्थिक ‌क्षति होगी ।

आज अपने ही ग्राम के सोसायटी के धान खरीदी का जायजा लेने पहुंचे किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेंद्र शर्मा को किसानों ने धान बेचने में आ रहे दिक्कतों की जानकारी दी व सोसायटी के प्राधिकृत अधिकारी / अध्यक्ष विश्वनाथ नायक व व्यवस्थापक महेश साहू ने जाम धान ‌की वजह से खरीदी लड़खड़ाने की जानकारी देते हुये उपपंजीयक सहकारी संस्था को पत्र लिख बफर लिमिट से अत्यधिक धान संग्रहित होने की वजह से जगह की कमी होने व‌ स्टाक अधिक होने से सूखती व चूहों आदि द्वारा नुकसान पहुंचाने की संभावना के मद्देनजर तत्काल डी ओ जारी करवाने का आग्रह किये जाने व इसकी प्रति कलेक्टर ( खाद्य शाखा ) , जिला विपणन अधिकारी , जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी व मंदिर हसौद शाखा के शाखा प्रबंधक को भी प्रेषित किये जाने की जानकारी दी । क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य कविता ‌हेमंत कश्यप ‌, जनपद सदस्य राजू मनहरे व‌ सरपंच हेमा राजू यादव ने भी किसानों को हो रही दिक्कतों व‌ सोसायटी हित में प्राथमिकता के ‌आधार पर धान उठाव की मांग की है ।

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