
महासमुंद, छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 4 करोड़ 75 लाख रुपए कीमत का 950 किलो गांजा जब्त किया है। गांजा ओडिशा से महाराष्ट्र ले जाया जा रहा था। इस मामले में दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई कोमाखान थाना क्षेत्र में की गई।
महाराष्ट्र पासिंग ट्रक में बोरियों में छिपाकर ले जाया जा रहा था गांजा
पुलिस को सूचना मिली थी कि एक महाराष्ट्र पासिंग ट्रक (MH 20 EG 3969) में भारी मात्रा में गांजा लोड कर ओडिशा से छत्तीसगढ़ होते हुए महाराष्ट्र के जालना ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही ANTF और कोमाखान पुलिस ने ओडिशा-छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर चेकिंग प्वाइंट लगाया।
जांच के दौरान ट्रक को रोका गया। तलाशी लेने पर बोरियों में भरा 950 किलो गांजा बरामद हुआ। इसके बाद ट्रक सवार दोनों युवकों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपी जालना (महाराष्ट्र) के निवासी
पकड़े गए आरोपियों की पहचान
- अक्षय भोरजे (26)
- शुभम आउटे (24)
दोनों महाराष्ट्र के जालना जिले के निवासी हैं।
पुलिस ने गांजे के साथ ट्रक (कीमत लगभग 15 लाख रुपए), दो मोबाइल फोन और 4050 रुपए नकद भी जब्त किए हैं।
12 दिन पहले एम्बुलेंस से पकड़ी गई थी 2.60 करोड़ की खेप
महासमुंद जिले में 12 दिन पहले ही पुलिस ने एम्बुलेंस से 5 क्विंटल 20 किलो गांजा जब्त किया था, जिसकी कीमत 2 करोड़ 60 लाख रुपए आंकी गई थी। उस समय ओडिशा के भवानीपटना से नागपुर गांजा ले जा रहे थे।
तस्करों ने एम्बुलेंस की सीट के नीचे चैंबर बनाकर और दवाइयों के कार्टून में गांजा छिपाया था। एम्बुलेंस पर ओडिशा की फर्जी नंबर प्लेट लगाई गई थी।
पुलिस से बचने अंदरूनी रास्तों का इस्तेमाल
महासमुंद एडिशनल एसपी प्रतिभा पांडेय ने बताया कि “तस्कर पुलिस की नजर से बचने के लिए नेशनल हाईवे छोड़कर अंदरूनी रूट का इस्तेमाल कर रहे थे।”
बलरामपुर में भी पकड़ी गई थी 6 करोड़ की खेप
इससे पहले 21 दिन पहले बलरामपुर जिले में पुलिस ने एक ट्रक से 6 करोड़ रुपए का गांजा जब्त किया था। तस्कर गांजे को नारियल भूसे के बीच छिपाकर राजस्थान ले जा रहे थे, लेकिन CG-UP बॉर्डर पर पकड़ लिए गए।



