कोरबाछत्तीसगढ़

गैंगरेप मामले में पुलिस की बड़ी लापरवाही उजागर, एफआईआर नहीं लिखने पर दो आरक्षक निलंबित

कोरबा। कोरबा में गैंगरेप की घटना में पीड़िता की रिपोर्ट दर्ज करने में गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। जांच में एफआईआर दर्ज करने में गंभीर उदासीनता का मामला सामने आने के बाद एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र में पदस्थ दो आरक्षकों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया हैै। आपको बता दे पिछले दिनों युवती के साथ डायल 112 के चालक समेत 5 युवकों ने दरिंदगी करते हुए गैंगरेप किया था।

गौरतलब है कि पिछले दिनों बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र में गैंगरेप की घटना सामने आयी थी। इस घटना में डायल 112 के चालक सहित कुल पांच युवकों ने एक युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था। घटना के बाद पीड़िता न्याय की आस लेकर बांकीमोंगरा थाना पहुंची थी। लेकिन वहां उसकी शिकायत पर तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं की गई। आरोप है कि थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और पीड़िता को टालने की कोशिश की गई। एफआईआर दर्ज न होने से आहत पीड़िता ने इस पूरे मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से की थी। शिकायत की जांच में बांकीमोंगरा थाने में पदस्थ आरक्षक राकेश मेहता और आरक्षक राजेन्द्र राज द्वारा गंभीर लापरवाही बरतने का खुलासा हुआ।

मामले की संवेदनशीलता और अपराध की गंभीरता को देखते हुए एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने तत्काल सख्त रुख अपनाते हुए दोनों आरक्षकों को निलंबित कर दिया है। एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने साफ कहा है कि महिलाओं से जुड़े अपराधों में किसी भी तरह की लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एसपी के इस एक्शनर के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।

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