
रायपुर। रायपुर में चर्चित ड्रग्स सिंडिकेट केस में चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। पुलिस द्वारा कोर्ट में पेश की गई चार्जशीट के मुताबिक, नाव्या मलिक को उसके मंगेतर अयान परवेज ने ही जानबूझकर पुलिस के जाल में फंसाया।
रिश्ता खत्म करने के लिए अयान ने दिल्ली से रायपुर आ रहे MDMA ड्रग्स की पूरी जानकारी पुलिस तक पहुंचा दी, जबकि वह खुद भी इस अवैध कारोबार में शामिल था।
चार्जशीट में क्या-क्या सामने आया
- 23 अगस्त 2025 को दिल्ली से रायपुर पहुंचा था MDMA का पार्सल
- गंज थाना पुलिस ने 27.58 ग्राम MDMA के साथ तीन आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ा
- गिरफ्तार आरोपी: मोनू बिश्नोई, हर्ष आहूजा और दीप धनोरिया
- पूछताछ में खुलासा हुआ कि तीनों की कड़ी नाव्या मलिक से जुड़ी थी
ब्रेकअप की साजिश ऐसे रची गई
चार्जशीट के मुताबिक, 21 अगस्त को नाव्या ने अपने मंगेतर अयान को ड्रग्स पार्सल की पूरी जानकारी दी।
- अयान ने पैसे भी दिलवाए
- फिर अपने दोस्तों जुनैद अख्तर और सोहेल खान को इस्तेमाल किया
- सोहेल ने गंज थाना पुलिस को अनजान नंबर से कॉल कर ड्रग्स पार्सल की लोकेशन बताई
- पुलिस ने तुरंत कार्रवाई कर पार्सल पकड़ लिया
यानी, जिस ड्रग्स डील में अयान खुद शामिल था, उसी को उसने हथियार बनाकर नाव्या को फंसा दिया।
30 अगस्त को हुई नाव्या की गिरफ्तारी
पुलिस ने 30 अगस्त को नाव्या मलिक को गिरफ्तार किया। पूछताछ में नाव्या ने कई अहम जानकारियां दीं, जिसके आधार पर
- अयान परवेज
- जुनैद अख्तर
- सोहेल खान
- विधि अग्रवाल
- ऋषि टंडन
को भी आरोपी बनाया गया।
चार्जशीट में ‘ग्लोरी टू बी गॉड’ नाम का रहस्य
चार्जशीट में एक रहस्यमयी नाम बार-बार सामने आया है — ‘ग्लोरी टू बी गॉड’।
- यह शख्स कौन है?
- ड्रग्स सिंडिकेट में इसकी क्या भूमिका थी?
- बड़े रसूखदारों के नाम चार्जशीट से क्यों गायब हैं?
इन सभी सवालों के जवाब इस एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के अगले पार्ट में सामने आएंगे।



