
रायपुर। शहर में सुरक्षित और सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए यातायात पुलिस कमिश्नरेट द्वारा शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस के अनुसार इस वर्ष जनवरी से अब तक कुल 949 नशेड़ी वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है।
यातायात पुलिस ने बताया कि जनवरी में 130, फरवरी में 279 और मार्च में अब तक 540 वाहन चालकों को शराब के नशे में वाहन चलाते हुए पकड़ा गया है। सभी के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है।
पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला और पुलिस उपायुक्त (यातायात एवं प्रोटोकॉल) विकास कुमार के निर्देश पर शहर में लगातार ड्रंक एंड ड्राइव के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 11 मार्च 2026 की रात एसीपी यातायात रमेश येरेवार और सतीश ठाकुर के नेतृत्व में शहर के पांच स्थानों—फुण्हर चौक, टेमरी चौक, ऊर्जा पार्क रोड, ऐश्वर्या बाजार और विधानसभा रोड स्थित होटल लेवल-3 के सामने विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया।
इस अभियान में यातायात थाना भाटागांव के निरीक्षक कमलेश देवांगन, पंडरी के निरीक्षक शैलेंद्र सिंह ठाकुर, शारदा चौक के निरीक्षक ढालूदास मानिकपुरी, भनपुरी के निरीक्षक वैभव मिश्रा और फाफाडीह के निरीक्षक सुशील चंद्रकर्ष सहित यातायात पुलिस स्टाफ मौजूद रहा। चेकिंग के दौरान 58 वाहन चालकों को शराब के नशे में वाहन चलाते हुए पकड़ा गया। सभी के खिलाफ चालान की कार्रवाई कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया।
यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान किसी टारगेट को पूरा करने के लिए नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। शराब पीकर वाहन चलाना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह स्वयं और दूसरों के जीवन के लिए भी गंभीर खतरा है। इस पर पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी।
यातायात पुलिस की अपील
यातायात पुलिस रायपुर ने नागरिकों से सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है। वाहन चालक शराब पीकर वाहन न चलाएं, सीट बेल्ट और हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करें, निर्धारित गति सीमा का पालन करें, ट्रैफिक सिग्नल और पुलिस के निर्देशों का पालन करें तथा नाबालिगों को वाहन चलाने की अनुमति न दें।
पुलिस का कहना है कि शहर में सुरक्षित और अनुशासित यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसे विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।



