धार्मिक
घर में तुलसी लगाने के ये हैं सही नियम, नकारात्मक ऊर्जा का होगा सर्वनाश

हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को केवल एक पौधा नहीं, बल्कि ‘लक्ष्मी’ का स्वरूप माना गया है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, तुलसी का पौधा घर में सकारात्मक ऊर्जा (Positive Energy) का संचार करता है, लेकिन इसके पूर्ण लाभ तभी मिलते हैं जब इसे सही दिशा और नियमों के साथ लगाया जाए। अगर आपके घर में भी बिना वजह क्लेश रहता है या आर्थिक तंगी बनी रहती है, तो यह लेख आपके लिए है। आइए जानते हैं तुलसी से जुड़े वास्तु नियम
तुलसी के लिए सबसे शुभ दिशा
वास्तु शास्त्र के अनुसार, तुलसी के पौधे के लिए दिशा का चयन बहुत महत्वपूर्ण है:
- उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण): यह दिशा देवताओं की मानी जाती है। यहाँ तुलसी लगाने से घर में सुख-समृद्धि आती है और नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है।
- उत्तर दिशा: इस दिशा में तुलसी लगाने से करियर में नए अवसर प्राप्त होते हैं और धन लाभ होता है।
- पूर्व दिशा: यदि आप परिवार में मान-सम्मान बढ़ाना चाहते हैं, तो पूर्व दिशा में तुलसी का पौधा लगाना शुभ होता है।
तुलसी के पास न रखें ये चीजें
तुलसी की पवित्रता बनाए रखने के लिए उसके आस-पास स्वच्छता बहुत जरूरी है:
- जूते-चप्पल: तुलसी के गमले के पास कभी भी जूते-चप्पल न उतारें।
- कूड़ेदान: पौधे के पास झाड़ू या कूड़ेदान न रखें, इससे दरिद्रता आती है।
- कांटेदार पौधे: तुलसी के पास कैक्टस या कोई भी कांटेदार पौधा रखने से बचें।
सुख-शांति के लिए पालन करें ये 5 नियम
- नियमित दीपक जलाएं: हर शाम तुलसी के पास घी या तेल का दीपक जरूर जलाएं। इससे घर की नकारात्मकता दूर होती है।
- रविवार को न छुएं: रविवार और एकादशी के दिन तुलसी के पौधे में जल न चढ़ाएं और न ही इसके पत्ते तोड़ें।
- सूखी तुलसी का क्या करें: यदि तुलसी का पौधा सूख जाए, तो उसे तुरंत हटा दें और किसी पवित्र नदी या तालाब में प्रवाहित कर दें। घर में सूखी तुलसी रखना अशुभ माना जाता है।
- साफ हाथों से स्पर्श: कभी भी अशुद्ध अवस्था या बिना स्नान किए तुलसी को नहीं छूना चाहिए।
- एकादशी का महत्व: एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते तोड़ना वर्जित है, क्योंकि माना जाता है कि इस दिन माता तुलसी भगवान विष्णु के लिए व्रत रखती हैं।



