
हेमन्त कुमार साहू,
दंतेवाड़ा। किरंदुल की तमोपारा बस्ती में जल क्रांति का नया अध्याय शुरू हुआ है। प्रोजेक्ट “तृप्ति” के तहत अब यहां के लोगों को चौबीसों घंटे शुद्ध, सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल की सुविधा मिलने लगी है। यह परिवर्तन सौर ऊर्जा से संचालित जल आपूर्ति प्रणाली के माध्यम से संभव हुआ है, जो विशेष रूप से उन क्षेत्रों के लिए डिज़ाइन की गई है जहाँ विद्युत आपूर्ति सीमित है।
इस अत्याधुनिक प्रणाली की खासियत यह है कि यह पारंपरिक हैंडपंपों की तुलना में कहीं अधिक प्रभावी और बहुउद्देशीय है। सौर पैनलों की मदद से यह प्रणाली ज़मीन के गहरे स्तरों से पानी पंप करती है, जिसे फिर 5000 लीटर की बड़ी टंकी में संग्रहित किया जाता है। यह टंकी एक ऊँचाई पर स्थापित की गई है, जिससे गुरुत्वाकर्षण के बल से पानी सीधे हर घर तक पाइपलाइन के ज़रिए पहुँचाया जाता है। इस प्रक्रिया में किसी अतिरिक्त मोटर की आवश्यकता नहीं होती, जिससे यह प्रणाली न केवल टिकाऊ है बल्कि ऊर्जा की दृष्टि से भी कुशल है।
इस परियोजना से तमोपारा गांव के 120 से अधिक निवासी लाभान्वित हो रहे हैं। इसके अलावा, आस-पास के गांवों से आने-जाने वाले यात्रियों को भी इसका लाभ मिलेगा। चलने और लंबी कतारों में खड़े होकर पानी भरने की समस्या अब अतीत की बात हो गई है।
इस पहल को मूर्त रूप देने में AM/NS इंडिया किरंदुल की CSR टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। वार्ड प्रतिनिधि-18 के अनुरोध पर CSR फंड के अंतर्गत सौर पैनल, डुअल-पंप और जल टंकी की स्थापना की गई। इस जल प्रणाली का उद्घाटन एक गरिमामय समारोह में किया गया, जिसमें CSR टीम के प्रमुख BP&SP रघुवुलू, राजू कुंजाम और सोनू मंडावी ने ग्रामीणों की उपस्थिति में इस सुविधा को ग्रामवासियों को समर्पित किया।
यह परियोजना न केवल जल संकट से जूझ रहे इस क्षेत्र के लिए एक समाधान है, बल्कि यह एक स्थायी और पर्यावरण-सम्मत विकास की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम भी है। प्रोजेक्ट “तृप्ति” अब एक मिसाल बन गया है—साफ पानी, बेहतर जीवन और खुशहाल समुदाय की दिशा में।