छत्तीसगढ़ में हार्ट रेट से मतलब एक मिनट में दिल की धड़कन सामान्य 60 से 100 तक हो
रायपुर। कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने पहले से ही अपनी तैयारियों को दुरुस्त करना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में अब समन्वयक और मितानिन ट्रेनर को पल्स ऑक्सीमीटर चलाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पल्स ऑक्सीमीटर के माध्यम से डाटा रीडिंग को जांचने के लिए विकासखंड तिल्दा, धरसींवा के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण में दोनों विकासखंड की दो-दो कोआर्डिनेटर (समन्वयक) और 10-10 मितानिन मास्टर ट्रेनर ने हिस्सा लिया। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. आशीष वर्मा ने बताया कि शरीर में ऑक्सीजन स्तर की जांच करने के लिए पल्स ऑक्सीमीटर का उपयोग किया जाता है, कोविड से पीड़ित मरीजों के लिए यह बहुत ही उपयोगी उपकरण है। इसके माध्यम से समय रहते यह ज्ञात हो जाता है कि मरी की हालत कैसी है।
पल्स ऑक्सीमीटर एक छोटा सा डिजिटल उपकरण, जो मानव शरीर में मौजूद ऑक्सीजन लेवल की जांच करता है। एक स्वस्थ व्यक्ति का ऑक्सीजन लेवल 95 से 100 तक रहता है। यदि कोई व्यक्ति कोरोना से पीड़ित है तो उसे समय-समय पर अपना ऑक्सीजन लेवल जांचते रहना चाहिए।
यदि ऑक्सीजन स्तर 94 से कम आता है तो तुरंत अपने डॉक्टर से या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करना चाहिए। जिला मीडिया प्रभारी गजेंद्र डोंगरे ने बताया मितानिन व स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को बताया कि अमेरिकन इंडिया फाउंडेशन द्वारा 1,800 पल्स ऑक्सीमीटर जिला स्वास्थ्य विभाग को दिया गया।