छत्तीसगढ़

प्रदेश में सीमेंट की बोरी 300 रुपये पार, मांग कमजोर फिर भी बाजार में अघोषित किल्लत

रायपुर। छत्‍तीसगढ़ में परिवहन भाड़ा बढ़ाए जाने की मांग को लेकर ट्रक चालकों द्वारा बीते 15 दिनों से चल रही हड़ताल का असर अब भवन निर्माण सामग्रियों पर भी पड़ने लगा है। मौके का फायदा उठाते हुए मुनाफाखोरों द्वारा भी बाजार में अघोषित किल्लत की स्थिति पैदा कर दी है। इसके चलते सीमेंट प्रति बोरी 300 रुपये के पार पहुंच गया है।

इतना ही नहीं, कई इलाकों में तो ज्यादा कीमत देने पर भी सीमेंट नहीं मिल रहा है। इससे भवन निर्माण करने वालों का खर्च बढ़ गया है। बाजार में चर्चा है कि इसका असर बिल्डर भी उठाएंगे, जिससे मकानों की कीमत बढ़ सकती है। एक सीमेंट कारोबारी ने बताया कि हड़ताल के माल की किल्लत हो गई और उसके पास स्टाक लगभग पूरी तरह से खत्म है।

सीमेंट की कीमतों में हो रही जबरदस्त बढ़ोतरी का असर आने वाले दिनों में मकानों की कीमतों में भी पड़ेगा। बिल्डरों का कहना है कि इन दिनों सीमेंट के साथ ही सरिया व रेत भी महंगे है। इसके चलते मकानों की कीमतें पांच फीसद तक महंगे हो सकते है। अपनी मांगों को लेकर जल्द ही ट्रक चालकों द्वारा परिवहन मंत्री से भी मुलाकात की जाएगी।

पखवाड़े भर पहले 265 रुपये थी सीमेंट की कीमत
पखवाड़े भर पहले बाजार में सीमेंट 265 से 270 रुपये प्रति बोरी बिक रही थी,लेकिन ट्रक हड़ताल के चलते बाजार में हुई अघोषित किल्लत के चलते सीमेंट की कीमतें 320 रुपये प्रति बोरी तक पहुंच गई है। बताया जा रहा है कि यहां तक कि आवश्यकतानुसार माल भी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।

ट्रक चालकों की यह हड़ताल प्रदेश के सभी सीमेंट कंपनियों के खिलाफ चल रही है और इस हड़ताल में करीब पांच हजार से ज्यादा ट्रकों के पहिए थम गए है। बताया जा रहा है कि सीमेंट कारोबारियों के पास भी स्टाक की किल्लत पैदा हो गई है और मांग के अनुसार माल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।

जब तक सीमेंट कंपनियों द्वारा परिवहन भाड़ा बढ़ाया नहीं जाता,ट्रक चालकों की यह हड़ताल जारी रहेगी। डीजल की बढ़ती कीमतों की वजह से काफी ज्यादा नुकसान उठाना पड़ रहा था। -सुखदेव सिंह सिद्धु, छत्तीसगढ़ प्रभारी, आल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस

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