5 % DA की घोषणा से कर्मचारी निराश, आखिर कर्मचारियो के साथ न्याय क्यो नही,?
आरंग। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन प्रदेश मंत्री जितेंद्र मिश्रा जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश सोनकला ब्लॉक अध्यक्ष हरीश दीवान जिला सयोंजक-इंद्रजीत वर्मा,श्रीमती मौसमी शर्मा जिला उपाध्यक्ष बृजलाल वर्मा श्रीमती सविता रात्रे महासचिव सुनील चंद्राकर, श्रीमती कनकलता गहलोत महामंत्री कमल किशोर ठाकुर, मनोज मुछावड श्रीमती तृप्ति शर्मा सह सचिव रामजी वर्मा श्रीमती सुधा अवस्थी श्रीमतीं इंदु सिंह संगठन मंत्री-अलंकार सिंह परिहार श्रीमतीं सुनीता पांडेय संगठन सचिव कोमल वर्मा,श्रीमतीं सुमन मंधान प्रचार सचिव सुनील भारती श्रीमति नीता साहू संयुक्त सचिव गिरवर सोनवानी श्रीमतीं भगवती ठाकुर प्रचार मंत्री रूद्र नारायण तिवारी,श्रीमतीं अनीता सिंह प्रफुल्ल मांझी,अरविंद वैष्णव नितिन मिश्र ने कहा है कि प्रदेश के कर्मचारी अपने लंबित 17 % महंगाई भत्ता की आस लगाए हुए थे, जब तक महंगाई भत्ता की घोषणा नही हुई थी, कर्मचारी इंतजार कर ही रहे थे किंतु 5 % महंगाई भत्ता की घोषणा से छत्तीसगढ़ के कर्मचारी निराश हुए है। कर्मचारियो ने 17 % लंबित महंगाई भत्ता के लिए लगातार स्वागत, सम्मान व आंदोलन, हड़ताल किया परन्तु अब 5 % महंगाई भत्ता की घोषणा को दुर्भाग्यजनक घोषणा बताया है और कहा है कि इस 5 % DA की घोषणा से कर्मचारियो में आक्रोश है।
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के पअध्यक्ष हरीश दीवान ने कहा है कि –
जनवरी 2020 से 4 %जुलाई 2020 से 3 %जनवरी 2021 से 4%जुलाई 2021 से 3 %जनवरी 2022 से 3 %
कुल 17 % महंगाई भत्ता लंबित था
मुख्यमंत्री के द्वारा 5% मंहगाई भत्ता किस आधार पर दिया गया है यह समझ से परे है, 5 % DA की घोषणा आधारहीन है,,विदित हो कि जनवरी 2020 से 4% एवं जुलाई 2020 से 3% महंगाई भत्ता लंबित है,, दो किश्त मिलाकर महंगाई भत्ता भी देते तो 7% होता। ऐसे में कर्मचारियों के साथ यह सबसे बड़ा कुठाराघात है। जिसका छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन विरोध करता है,,साथ ही कर्मचारी हितैसी सभी संगठनों को भी विरोध करना चाहिए।
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के ब्लॉक के अध्यक्ष हरीश दीवान अभिषेक तिवारी,भरत चंद्राकर, भास्कर यादव, राजेश बंजारे, विजय देवांगन जितेंद्र शुक्ला, रवि शर्मा, प्रह्लाद शर्मा, रोशन चंद्राकर ने 5 % DA की घोषणा को कर्मचारियो के साथ अन्याय बताते हुए कहा है कि लंबित 17 % महंगाई भत्ता के एवज में 5 % की घोषणा कर्मचारियो के साथ नाइंसाफी है, आखिर कर्मचारियो के लंबित 17 % महंगाई की घोषणा कर न्याय क्यो नही किया गया, कर्मचारी 5 किश्त की भत्ते का ढाई वर्षो से इंतजार कर रहे है, कोरोना काल मे जान को जोख़िम में डालकर सेवाएं दिए है, लंबित 5 किश्त (17%) से कर्मचारियो को 2 से 3 लाख रुपये का कम वेतन मिला है, अब महंगाई भत्ता के बिना महंगाई से जूझना कर्मचारियो के दुष्कर हो गया है, इस दौर में जब केंद्र व अन्य राज्य में 34 % भत्ता देय है, छत्तीसगढ़ में भी लंबित 17% महंगाई भत्ता की घोषणा कर कर्मचारियो के साथ न्याय किया जाना था।*