
छत्तीसगढ़ विधानसभा में खराब सड़कों को लेकर विपक्ष ने उठाये सवाल, डिप्टी सीएम बोले, दिसंबर तक पूरा होगा मरम्मत कार्य
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में पीएम–सीएम सड़क योजना के तहत सड़कों की स्थिति को लेकर गंभीर चर्चा हुई। डोंगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र से विधायक हर्षिता बघेल ने अपने क्षेत्र की सड़कों की जर्जर हालत का मुद्दा उठाते हुए सरकार से विस्तृत जानकारी मांगी। उन्होंने पूछा कि पीएम–सीएम सड़क योजना के अंतर्गत कितनी सड़कें मरम्मत योग्य हैं और उनके सुधार के लिए क्या कार्ययोजना बनाई गई है।
विधायक के प्रश्न का उत्तर देते हुए उपमुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने सदन को बताया कि डोंगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र में कुल 48 सड़कें मरम्मत योग्य चिन्हित की गई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने इन सड़कों की स्थिति का आकलन कर लिया है और चरणबद्ध तरीके से मरम्मत कार्य कराया जाएगा।
हर्षिता बघेल ने कहा कि कई सड़कों की हालत इतनी खराब है कि आम जनता को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि जो सड़कें प्रक्रियाधीन हैं, उनकी जमीनी हकीकत जानने के लिए कार्यकर्ताओं को भेजकर जांच कराई जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
इस पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने स्पष्ट टिप्पणी करते हुए कहा कि सड़कों की जांच कार्यकर्ताओं से नहीं, बल्कि संबंधित अधिकारियों से कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक जांच ही अधिक विश्वसनीय और जवाबदेह होती है, जिससे सही रिपोर्ट सदन के सामने आ सके।
डिप्टी सीएम अरुण साव ने इस पर सहमति जताते हुए कहा कि जैसे ही किसी सड़क से संबंधित शिकायत या ठोस जानकारी प्राप्त होती है, उसकी जांच अधिकारियों के माध्यम से कराई जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अरुण साव ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि डोंगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र में पीएम–सीएम सड़क योजना के तहत अब तक 4 सड़कों का निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है। वहीं 39 सड़कों के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और शेष कार्य जल्द शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि दिसंबर तक मरम्मत योग्य सभी सड़कों का काम पूरा कर लिया जाए।
उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सड़कें केवल विकास का माध्यम नहीं, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की जीवनरेखा होती हैं। अच्छी सड़कों से न सिर्फ आवागमन सुगम होता है, बल्कि व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी बेहतर होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार सड़क निर्माण और मरम्मत को प्राथमिकता दे रही है।



