नरक चतुर्दशी कल, दीये जलाने के नियम, जानें यम-दीपक से जुड़े खास जानकारी..

नरक चतुर्दशी दिवाली से एक दिन पहले मनाई जाती है. इस दिन दीप दान का विशेष महत्व है. हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल नरक चतुर्दशी बुधवार, 30 अक्टूबर को मनाई जाएगी।
इसे रूप चौदस, यम चतुर्दशी या छोटी दिवाली के नाम से भी जानते हैं. परंपरा के अनुसार, इस दिन यम देवता की पूजा के साथ-साथ उनके लिए दीप जलाया जाता है. नरक चतुर्दशी के दिन शाम के समय दीप-दान किया जाता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि नरक चतुर्दशी के दिन कितने दीपक जलाने चाहिए और इस दिन यम दीपक का क्या धार्मिक महत्व है।
नरक चतुर्दशी के दिन कितने दीपक जलाएं?
नरक चतुर्दशी को छोटी दिवाली भी कहा जाता है. इस दिन 14 दीये जलाने की परंपरा है. चौदह दीयों में से एक दीया यम देवता के निमित्त भी होता है।
नरक चतुर्दशी पर कहां-कहां जलाएं दीया
नरक चतुर्दशी के दिन घर के बाहर दक्षिण दिशा की ओर, घर के मुख्य द्वार पर, घर की पूरब दिशा में, घर के किचन में, घर की छत पर और तुलसी के नजदीक दीया जलाना शुभ माना गया है. इसके अलावा घर के अलग-अलग हिस्सों में भी दीया जला सकते हैं।
घी या तेल में जलाएं दीये
नरक चतुर्दशी के दिन दीये जलाने के लिए घी या सरसों के तेल का प्रयोग करना अच्छा माना गया है. घर के मंदिर में जलाने वाले दीये में घी और घर के बाहर जलाने वाले दीये में तेल का इस्तेमाल करना चाहिए।
नरक चतुर्दशी पर यम दीपक जलाने का क्या है नियम
नरक चतुर्दशी के दिन यम के नाम का दीया जलाने से अकाल मृत्यु का खतरा टल जाता है, ऐसी मान्यता है. इस दिन यम देवता के नाम का दीपक जलाकर यम की यातनाओं से मुक्ति के लिए प्रार्थना की जाती है. नरक चतुर्दशी के दिन यम-दीपक घर के मुख्य द्वार पर दक्षिण दिशा में रखना चाहिए. ध्यान रहे कि यम दीपक की बाती को दक्षिण दिशा की ओर रखना शुभ माना गया है. इस दिशा में यम देवता का वास माना जाता है. इसके अलावा यह भी विशेष ध्यान रखें कि यम के नाम का दीपक चौमुखी (चार मुख वाला) होना चाहिए।