छत्तीसगढ़

राजधानी के महाराष्‍ट्र मंडल में किसान बनकर पहुंचे बच्चे, दिखा उत्साह

रायपुर। छत्‍तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के महाराष्ट्र मंडल में तान्हा पोला उत्सव का आयोजन किया गया। बच्चें किसानों की वेशभूषा में पहुंचे। बैलों को आकर्षक तरीके से सजाया। दो आयु वर्ग में स्पर्धा भी हुई। चार से नौ वर्ष आयु की स्पर्धा में किसान बनें बच्चों में आश्रणी बोबडे प्रथम, मल्हार बक्षी दितीय, प्राणिश डोनगावकर तृतीय रहे। 10 से 15 वर्ष के आयु वर्ग अनुष्का टेम्बे प्रथम, द्वितीय तनिश डोनगावकर तृतीय अनय पंडित रहे।

सांस्कृतिक मंडल के इस आयोजन में प्रेम उपवंशी, गौरी क्षीरसागर, प्रिया बक्षी, अनुराधा चौधरी, वैभव बर्वे, विजय हिशिकर, वंदना अलोनी, अभय भागवतकर उपस्थित रहे। प्रिया बक्षी ने पोला परंपरा के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस मौके पर सभी बच्चों को प्रशस्ति पत्र दिए गए। सचिव चेतन दंडवते ने पोला पर्व उत्सव की बधाईयां देकर इसका महत्व बताया।

गुलाब मंदिर टैगोर नगर के निवासियों ने 30 वर्ष पुराने बरगद के वृक्ष को बचाने के लिए मुहिम छेड़ दी है। मुहल्लेवासियों का कहना कि विकास के नाम पर इस बरगद पेड़ को प्रशासन काटने की तैयारी कर रखी है। जबकि यह बरगद का पेड़ धार्मिक आस्था का प्रतीक है। क्योंकि मुहल्ले की महिलाएं पिछले कई वर्षों से यहां वट-सावित्री की पूजा करती है।

शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षक कल्याण फाउंडेशन दिल्ली द्वारा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संयोजक जगदीश विग द्वारा देश के विभिन्ना अंचल में शैक्षणिक क्षेत्र में लर्न विद फन की अवधारणा पर शिक्षा के क्षेत्र में अभिनव प्रयोग करने वाले शिक्षकों से आनलाइन आवेदन आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ से केंद्रीय विद्यालय रायपुर के मधु यादव ने आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा में नई शिक्षा नीति के अहम रोल पर अपने उद्गगार प्रगट किए। शिक्षा सर्किल में उनके योगदान के लिए उन्हें शिक्षक उत्कृष्टता पुरस्कार के लिए चयनित किया गया।

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