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Gokaldas Exports का छत्तीसगढ़ में निवेश प्रस्ताव, टेक्सटाइल उद्योग को मिलेगी नई रफ्तार, युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर

छत्तीसगढ़ सरकार ने आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए नैसकॉम, इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सेमीकंडक्टर एसोसिएशन (IESA) और द इंडस एंटरप्रेन्योर्स (TiE) बैंगलोर के साथ महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

पराली से बनेगा हरित ईंधन, किसानों को होगा प्रत्यक्ष लाभ

हरित ऊर्जा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को अग्रणी बनाने के लिए GPRS Arya Pvt. Ltd. ने एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी के प्रमुख दीपक अग्रवाल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान बताया कि उनकी कंपनी पराली से संपीड़ित बायो-गैस (CBG) बनाने पर काम कर रही है। बेमेतरा में इंडियन ऑयल के सहयोग से एक CBG संयंत्र स्थापित किया गया है, जो जल्द ही पूर्ण क्षमता के साथ संचालित होगा।

इस परियोजना का उद्देश्य न केवल हरित ईंधन का उत्पादन करना है, बल्कि किसानों को पराली बेचकर अतिरिक्त आय प्रदान करना और प्रदूषण को कम करना भी है। कंपनी की योजना छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में भी इस मॉडल को लागू करने की है। मुख्यमंत्री ने इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि राज्य सरकार हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रोत्साहन दे रही है, ताकि ऐसे उद्योगों का तेजी से विकास हो सके।

ग्रामीण क्षेत्रों में टेक्सटाइल उद्योग का विस्तार, Klene Paks करेगी बड़ा निवेश पर्यावरण के अनुकूल (बायोडिग्रेडेबल) उत्पादों के लिए प्रसिद्ध कंपनी Klene Paks ने छत्तीसगढ़ में अपने कारोबार के विस्तार की योजना बनाई है। कंपनी के प्रमुख विमल सिपानी ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर टेक्सटाइल उद्योग की स्थापना और ग्रामीण क्षेत्रों में जैविक उत्पादों के निर्माण को बढ़ावा देने की इच्छा व्यक्त की।

Klene Paks ऐसे उत्पाद बनाती है जो पूरी तरह पर्यावरण के अनुकूल हैं और प्लास्टिक के बेहतर विकल्प के रूप में काम करते हैं। कंपनी ने राज्य में बायोटिक उत्पादों के निर्माण की योजना बनाई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, खासकर महिलाओं और युवाओं के लिए। मुख्यमंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए आश्वासन दिया कि सरकार हरित और पर्यावरण अनुकूल उद्योगों को हर संभव सहायता प्रदान करेगी। इससे राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और हरित उद्योगों का विकास होगा।

छत्तीसगढ़ बनेगा टेक्सटाइल हब, Punit Creations का बड़ा निवेश प्रस्ताव

टेक्सटाइल उद्योग में बड़े निवेश की संभावनाओं को देखते हुए Punit Creations के प्रमुख मनोज अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ को टेक्सटाइल हब के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर कहा कि छत्तीसगढ़ में श्रम और अनुकूल औद्योगिक माहौल के कारण टेक्सटाइल उद्योग के लिए अपार संभावनाएं हैं।

मनोज अग्रवाल ने बताया कि यदि कोई उद्योग 1,000 से अधिक लोगों को रोजगार देता है, तो सरकार अतिरिक्त सब्सिडी प्रदान करेगी। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय युवाओं को अपने राज्य में ही काम करने का मौका मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार टेक्सटाइल उद्योग को बढ़ावा देने के लिए हर संभव सहायता देगी। इस निवेश से न केवल औद्योगिक विकास होगा, बल्कि राज्य में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।

छत्तीसगढ़ निवेश और उद्योग के लिए देश के अग्रणी राज्यों में से एक – मुख्यमंत्री साय* सम्मेलन में मुख्यमंत्री साय ने निवेशकों को आमंत्रित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ निवेश और उद्योग के लिए देश के सबसे तेजी से उभरते राज्यों में से एक है। यहां प्रचुर खनिज संसाधन, मध्य भारत में शानदार स्थिति और कनेक्टिविटी के लाभ के साथ-साथ बिजली, पानी और मानव संसाधन जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल तकनीक के जरिए छत्तीसगढ़ सुशासन का एक मॉडल राज्य बन रहा है। निवेश के लिए कागजी प्रक्रियाओं को समाप्त कर दिया गया है। अब एक क्लिक पर एनओसी मिलेगी और निर्णय भी डिजिटल रूप से लिया जाएगा। नई औद्योगिक नीति ने निवेश प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया है।

उन्होंने बताया कि नई औद्योगिक नीति में 1,000 करोड़ रुपये के निवेश या 1,000 लोगों को रोजगार देने वाले उद्योगों के लिए बी-स्पोक नीति का प्रावधान है। इसमें 30 से 50 प्रतिशत तक और 200 से 450 करोड़ रुपये तक स्थायी पूंजी निवेश की प्रतिपूर्ति का प्रावधान किया गया है। साथ ही, 5 से 12 वर्ष तक नेट एसजीएसटी प्रतिपूर्ति, रोजगार और ईपीएफ प्रतिपूर्ति, और प्रशिक्षण खर्च की प्रतिपूर्ति के लिए आकर्षक प्रावधान शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई नीति में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, रोबोटिक्स, कंप्यूटिंग और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों में निवेश के लिए विशेष प्रोत्साहन दिए गए हैं। इसके अलावा, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, टेक्सटाइल, और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में भी विशेष छूट दी गई है। नवा रायपुर में मध्य भारत का सबसे बड़ा फार्मास्यूटिकल पार्क भी स्थापित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि रायपुर को मध्य भारत के सबसे बड़े आईटी हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां 1.6 बिलियन डॉलर का निवेश किया गया है, जिससे यह शहर देश के सबसे आधुनिक शहरों की श्रेणी में आता है। नवा रायपुर एक ग्रीनफील्ड शहर है, जो आईटी उद्योग के विकास के लिए बेहतरीन संभावनाएं प्रदान करता है।

बस्तर में निवेशकों के लिए असीम संभावनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर और सरगुजा को सर्वाधिक औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन क्षेत्र के रूप में विकसित किया गया है। यहां कोर सेक्टर को प्रोत्साहन, आयरन और कोल रॉयल्टी में 50 से 100 प्रतिशत तक छूट, और सेस की 150 प्रतिशत तक प्रतिपूर्ति का प्रावधान है। बस्तर में नगरनार स्टील प्लांट के पास ग्राम नियानार में 118 एकड़ में नया औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किया जा रहा है, जिससे छोटे, सूक्ष्म और मध्यम उद्यमों को बढ़ावा मिलेगा।

देश की शीर्ष कंपनियां छत्तीसगढ़ में करेंगी निवेश

सम्मेलन में बीईएमएल, क्लेन पैक्स, कीन्स टेक्नोलॉजी, नैसकॉम, गोकुलदास एक्सपोर्ट्स, ब्रिटानिया, टाई बैंगलोर और कर्नाटक चैंबर ऑफ कॉमर्स जैसी प्रमुख कंपनियों और औद्योगिक समूहों ने हिस्सा लिया। इन कंपनियों ने छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति, अनुकूल नीतिगत माहौल और मजबूत आधारभूत संरचना की सराहना की।

छत्तीसगढ़ को मिले निवेश प्रस्तावों का विवरण

GPSR आर्या प्राइवेट लिमिटेड (CBG ग्रीन फ्यूल सेक्टर): 1350 करोड़ रुपये के निवेश से बायोगैस और हरित ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे राज्य में स्वच्छ ऊर्जा क्रांति आएगी।

क्लेन पैक्स (टेक्सटाइल सेक्टर): 500 करोड़ रुपये के निवेश से टेक्सटाइल उद्योग को मजबूती मिलेगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

ब्रिटानिया (फूड प्रोसेसिंग सेक्टर): 200 करोड़ रुपये के निवेश से खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मजबूत होगा, जिससे किसानों और छोटे उद्यमियों को लाभ होगा।

कीन्स टेक्नोलॉजी (आईटी/आईटीईएस सेक्टर): 1000 करोड़ रुपये के निवेश से छत्तीसगढ़ का आईटी सेक्टर नई ऊंचाइयों को छुएगा और युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा।

गोकुलदास एक्सपोर्ट्स और SRV निट टेक प्राइवेट लिमिटेड: 200 करोड़ रुपये के निवेश से टेक्सटाइल सेक्टर को नई पहचान मिलेगी।

BEML (भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड): 200 करोड़ रुपये के निवेश से इंजीनियरिंग और निर्माण क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।

इसके अलावा, पुनीत क्रिएशन, श्याम टेक्सटाइल और वूल रिसर्च एसोसिएशन ने भी छत्तीसगढ़ में निवेश की रुचि दिखाई है। इस सम्मेलन में उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सचिव राहुल भगत, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ की निवेश आयुक्त ऋतु सैन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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