
खरोरा। मिली जानकारी अनुसार रायपुर जिला के खरोरा थाना अंतर्गत ग्राम केंवराडीह में हुई लूट की वारदात का खुलासा हो चुका है और सभी आरोपी पकड़े जा चुके हैं। इस डकैती में रिटायर्ड पुलिस के दो लोग भी शामिल पाए गए हैं।
रायपुर एसपी ने मामले में खुलासा करते हुए बताया कि यह पूरा घटनाक्रम झरन से मिले पैसे और 16 किलो सोने की लूट का प्लान था। दरअसल किसान राधेलाल भारद्वाज के घर काम करने वाला उसका पुराना जेसीबी चालक देवराज डहरिया ने किसान राधेलाल के घर झरन (जादू टोना) से प्राप्त 40 करोड रुपए और 16 किलो सोना घर पर होने की बात अपने साथियों को बताई थी और इस तरह एक दूसरे से सुनकर सभी ने किसान के घर रखें तथाकथित झरन से प्राप्त 40 करोड़ रुपए और 16 किलो सोना को लूटने की योजना बना ली, सभी पहले बलौदा बाजार में मिले और वारदात की योजना बनाई और इस तरह धारदार हथियार और रिवाल्वर के साथ डकैती करने निकल पड़े सभी पहले खरोरा पहुंचे और खरोरा में कुछ लोग रुक गए और सात लोग हथियारबंद आधी रात को किसान राधेलाल भारद्वाज के घर डकैती की नीयत से घुस गए। आरोपियों ने बताया की अखबार में छपे किसान द्वारा बताई बात लूट रकम ₹6 लाख गलत है उन्हें लूट के समय सिर्फ 35 हजार रुपए ही मिले थे। यानी कि पूरा मामला अंधविश्वास टोने टोटके से मिले पैसे की अफवाह का है, पुलिस ने बताया की राधेलाल भारद्वाज का नौकर गांव में ही खुद JCB लेकर काम करने लगा था और दोनों के बीच प्रतिस्पर्धा भी हो रही थी, ऐसे में दोनों एक दूसरे से आए दिन विवाद भी होते रहे।
पुलिस ने बताया कि देवराज क्योंकि राधेलाल के घर में काम कर चुका था तो उसने अन्य लोगों को जानकारी दी की राधेलाल के घर पर टोने टोटके झरन से प्राप्त 40 करोड़ रूपया और 16 किलो सोना रखा हुआ है इस बात पर उनके और साथियों ने इसकी पुष्टि तंत्र-मंत्र करने वाले बैगा बाबाओ से की और आखिरकार इस कांड में उन्होंने दो रिटायर्ड पुलिस वालों को भी शामिल कर लिया और पुलिस के रिटायर्ड कर्मचारी ने ही इस पूरे लूट की प्लानिंग की और फिर आखिर में जैसे कि बुरे काम का बुरा नतीजा सभी लोग धरे गए।
यह सफलता खरोरा थाना पुलिस रायपुर क्राइम ब्रांच पुलिस की सक्रियता का है जिन्होंने मामला दर्ज होते ही सक्रियता से डॉग स्क्वॉड के साथ खोजबीन की और आखिरकार लगभग 15 आरोपियों को पकड़ लिया गया।