
बिलासपुर, नशीले इंजेक्शन की अवैध बिक्री के मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी को 10 साल के कठोर कारावास और 1 लाख रुपए जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है।
प्रकरण के अनुसार, 22 जून 2023 को सिविल लाइन थाना में पदस्थ एएसआई राजेश्वरधर दीवान को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुदूदण्ड स्थित गायत्री मंदिर के पास हरिकृष्ण प्रधान के किराए के मकान में रहने वाला धन्नू उर्फ गुरूदयाल कश्यप नशीले इंजेक्शन की अवैध बिक्री कर रहा है। सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी और आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया।
तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से 6,400 नग प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शन बरामद किए गए, जिनकी कुल कीमत 1 लाख 75 हजार 500 रुपए आंकी गई। पुलिस ने आरोपी को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर विवेचना पूरी की और चालान कोर्ट में पेश किया।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों को सही मानते हुए आरोप सिद्ध पाया। इसके बाद आरोपी धन्नू उर्फ गुरूदयाल कश्यप को 10 साल का कठोर कारावास और 1 लाख रुपए अर्थदंड से दंडित किया गया।
क्रिकेट सट्टा खिलाने वालों पर भी पुलिस की कार्रवाई
इधर, लंबे समय से शहर में क्रिकेट सट्टा खिलाने वाले खाईवालों के खिलाफ भी पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर सिविल लाइन सीएसपी निमितेश सिंह परिहार के नेतृत्व में अलग-अलग थानों की टीम गठित कर खाईवालों के ठिकानों पर दबिश दी गई।
अचानक हुई इस कार्रवाई से शहर के खाईवालों में हड़कंप मच गया। पुलिस ने 2 से 4 खाईवालों को पकड़कर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि कई सट्टेबाज शहर छोड़कर फरार हो गए। एसएसपी ने कहा है कि आगामी आईपीएल को देखते हुए संगठित रूप से सट्टा खिलाने वालों पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।



