
कोरबा, छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के पाली वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम रंगोले में एक मादा वयस्क हिरण की दर्दनाक मौत हो गई। पानी और चारे की तलाश में गांव के पास पहुंची हिरण पर पहले आवारा कुत्तों ने हमला किया, जिसके बाद जान बचाकर भागते समय वह नेशनल हाईवे पर पहुंच गई और एक अज्ञात वाहन की चपेट में आ गई।
हादसे में गंभीर रूप से घायल हिरण को ग्रामीणों की मदद से बचाया गया। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग पाली की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू कर घायल हिरण को पशु चिकित्सालय पाली में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार हिरण को गंभीर चोटें आई थीं और उसकी हालत नाजुक बनी हुई थी। इलाज के दौरान हिरण की मौत हो गई।
ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ रहा वन्यजीव–सड़क संघर्ष
नेशनल हाईवे निर्माण के बाद नगर पंचायत पाली के आसपास हिरण और चीतल की आवाजाही कम हुई है, लेकिन समीपवर्ती ग्रामीण इलाकों में आज भी बड़ी संख्या में हिरण देखे जाते हैं। पानी और चारे की कमी के कारण ये वन्यजीव गांवों के नजदीक पहुंच जाते हैं, जहां वे आवारा कुत्तों के हमले और सड़क दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं।
वन विभाग की योजनाएं कागजों तक सीमित
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से हिरणों की मौत का यह सिलसिला जारी है, लेकिन वन्यजीव संरक्षण को लेकर वन विभाग की योजनाएं धरातल पर प्रभावी नजर नहीं आ रही हैं। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में इस क्षेत्र से हिरणों की संख्या में भारी गिरावट आ सकती है।



