
रायगढ़ , रायगढ़ जिला में दहेज प्रताड़ना का मामला सामने आया है। जिसमें ससुराल पक्ष ने विवाहिता से दहेज में कार के बदले 25 लाख की डिमांड की। साथ ही दहेज के लिए प्रताड़ित भी किया। जहां मांग पूरी नहीं होने पर उसे घर से निकाल दिया। जिसके बाद महिला ने इसकी सूचना महिला थाना में दी। पुलिस ने ससुराल पक्ष के 3 लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। मिली जानकारी के मुताबिक मधुबनपारा निवासी 24 वर्षीय युवती की शादी घरघोड़ा के ब्लाक काॅलोनी वार्ड नंबर 2 में रहने वाले मिर्जा सुहेल बेग 27 साल के साथ 23 दिसबंर 2024 को मुस्लिम रीति रिवाज से हुई थी।
शादी के सयम विवाहिता के परिजनों ने अपनी हैसियत के मुताबिक कैश 2 लाख 50 हजार रुपये व सोना-चांदी के जेवर, कांसा पीतल समेत गृहस्थी के करीब 15 लाख रुपये के सामान दिए थे। शादी के दो दिन बाद से उसके पति मिर्जा सुहेल बेग, सास आमना खातुन व ससुर मिर्जा सलीम बेग दहेज के रूप में शादी में खर्चा नहीं किए हो कहकर 5 लाख रुपये की डिमांड करने लगे। ऐसे में उसने अपने परिजनों को इसकी जानकारी दी। तब एक माह के भीतर विवाहिता के पिता ने सुहेल बेग को कैश 5 लाख रुपये दे दिए। इसके बाद भी ससुराल पक्ष के लोगों का डिमांड खत्म नहीं हुआ और कहने लगे कि आजकल शादी में लोग दहेज में कार देते हैं। ऐसे में कार के बदले 25 लाख रुपये की डिमांड करने लगे।
तब विवाहिता ने इसकी जानकारी परिजनों को दी, तो उसके परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने की वजह से उन लोगों ने दहेह की मांग को पूरा करने से इंकार कर दिया। इसके बाद ससुराल पक्ष के लोगों के द्वारा विवाहिता को गाली-गलौज करते हुए छोटी-छोटी बातों में प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। इस दौरान उनका वैवाहिक जीवन न टूटे इसके लिए विवाहिता सब कुछ सहते रही, पर उनके द्वारा प्रताड़ित करना कम नहीं हुआ और मारपीट करते हुए भूखे-प्यास रखने लगेे। मई 2025 में जब विवाहिता गर्भवती हुई, तब भी उसका पति सुहेल बेग मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी देने लगा। इससे वह काफी डर कर रहने लगी। साथ ही सुहेल बेग बार-बार तलाक देने की धमकी देते रहा।
इसके बाद विवाहिता को उसके पति, सास और ससुर के द्वारा एबर्शन कराने के लिए दबाव बनाया जाने लगा। इस दौरान कई बार एबर्शन के लिए आई-पिल गोली भी जबरदस्ती उसे खिलाया गया, लेकिन विवाहित उसे उल्टी कर देती। जब विवाहिता ने इन सब की जानकारी अपने परिजनों को दी, तो 2 सितबंर को विवाहिता के पिता व उसका भाई ससुराल पहुंचे और उन्हें समझाईश देने लगे। इसके बाद भी ससुराल पक्ष दहेज की मांग पर अड़े रहा और 2 सितबंर को उसे घर से निकाल दिया। इसके बाद से विवाहिता अपने मयके में रह रही है। वर्तमान में वह 8 माह की गर्भवती है और कई बार दोनों पक्षों के बीच सामाजिक बैठक हुई, पर ससुराल पक्ष के लोग उसे रखने के लिए तैयार नहीं हुए।
ऐसे में पीड़िता ने महिला थाना में इसकी शिकायत की। जिसके बाद महिला थाना से विवाहिता के सुसराल पक्ष को काउंसलिंग के लिए बुलाया गया, लेकिन उन्होंने उसे रखने से इंकार कर दिया। जिसके बाद महिला थाना पुलिस ने ससुराल पक्ष के खिलाफ धारा 3(5)-BNS, 351(2)-BNS, 85-BNS के तहत अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना मंे लिया है।



