
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर खरोरा में हिन्दू सम्मेलन का हुआ आयोजन
खरोरा। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर खरोरा में हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस दौरान कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सतनामी समाज के अध्यक्ष श्याम सुंदर बाँधे ने हिंदुओं को एकजुट होने का आह्वान किया, उन्होंने सभी समाज के लोगों को एकजुट होकर विभाजनकारी शक्तियों से समाज को बचाने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ रायपुर विभाग के बौद्धिक प्रमुख युगल किशोर देवांगन उपस्थित थे। इस दौरान उन्होंने अपने उद्बोधन में शताब्दी वर्ष को आत्म मंथन और समाज को नई दिशा देने का अवसर बताया। मुख्य वक्ता देवांगन ने पंच परिवर्तन के सिद्धांत का उल्लेख करते हुए उन्होंने लोगों से सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन और स्वयं आधारित जीवन, नागरिक कर्तव्य बोध और शिष्टाचार के साथ अपने व्यवहार और कर्तव्य से समाज और राष्ट्र की सेवा करने की प्रेरणा दी। इस दौरान सम्मेलन को मंच पर उपस्थित संत धनंजय शर्मा एवं समाज सेविका हेमलता नशीने द्वारा भी सम्बोधित किया गया।

कार्यक्रम में विभिन्न समाज प्रमुख के रूप से नरेन्द्र अग्रवाल, सुरज सोनी, नेतराम धीवर, अ़शोक साहू, बुधराम देवांगन बली राम देवांगन, राम सिंह गिल्हरे, राधे यादव, राजा भाटिया, रामकुमार शर्मा, गोविंद देवांगन, कैलाश अग्रवाल, चन्द्रपाल मोटवानी, रामनाथ वर्मा, घनाराम नशीने, संजय भट्ट, चिंताराम लिम्तरिहा, धन्नू निलमर्कर आदी लोग उपस्थित थे जिन्हें आयोजक समिति के अध्यक्ष अनिल सोनी द्वारा शाल श्रीफल भेंटकर सम्मान किया गया। इस दौरान कार्यक्रम का संचालन विकास ठाकुर द्वारा किया गया। कार्यक्रम में प्रमुखरूप से रायपुर जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, तिल्दा जनपद अध्यक्ष टिकेश्वर मनहरे, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ तिल्दा खंड संचालक सीताराम यादव, पुर्व जनपद अध्यक्ष श्री वेदराम मनहरे, राजेश चौहान, नगर पंचायत अध्यक्ष सुनीता सोनी, सोना वर्मा, सुमीत सेन, सचिन अग्रवाल, शरद साहू, पंचराम यादव, टिकेश्वर साहू, तामेश्वर मरकाम, गजेन्द्र साहू, अंबिका बंछोर, मनीषा कोशले, लीला देवांगन, दामिनी देवांगन, श्रवण भोई, अंजू दुबे, मीनू सेन, आदित्य राजपूत, शिवम साहू, गणेश देवांगन, राहुल देवांगन, अजीत घृतलहरे, योगेश सिन्हा, लखन देवांगन, तरुण सेन, निखिल घृतलहरे, निमेश देवांगन आदी लोगों सहित बड़ी संख्या में खरोरा एवं आस-पास के लोग उपस्थित थे।



