
बलरामपुर, छत्तीसगढ़-झारखंड बॉर्डर पर ओरसा घाट में रविवार को दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार स्कूल बस ब्रेक फेल होने से करीब 20 फीट गहरी खाई में पलट गई। हादसे में 5 महिलाओं और 4 पुरुषों समेत कुल 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 78 लोग घायल हुए हैं। इनमें 20 से अधिक की हालत गंभीर बताई जा रही है।
सगाई में जा रहे थे 86 लोग
जानकारी के मुताबिक, बलरामपुर जिले के पीपरसोत, महाराजगंज, झपरा और बुद्धीडीह गांवों के रहने वाले 86 लोग ज्ञान गंगा पब्लिक स्कूल की बस से सगाई समारोह में शामिल होने झारखंड के लोधफाल (महुआडांड थाना क्षेत्र) जा रहे थे।छत्तीसगढ़ सीमा से करीब 7 किलोमीटर आगे ओरसा बंगलादारा घाटी में हादसा हुआ।
ढलान पर अचानक फेल हुआ ब्रेक
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ढलान में बस का ब्रेक अचानक फेल हो गया, जिसके बाद बस अनियंत्रित होकर पीडब्ल्यूडी के रोड सेफ्टी गार्ड को तोड़ते हुए पेड़ से टकराई और खाई में जा पलटी।5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 4 घायलों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
ड्राइवर बोला- ब्रेक नहीं लग रहा था
बस चालक विकास पाठक ने बताया कि हादसे से पहले ही ब्रेक नहीं लगने का अहसास हुआ था। हैंड ब्रेक और इंजन बंद करने के बावजूद ढलान के कारण बस पर काबू नहीं पाया जा सका।
कई यात्री बस में फंसे, कुछ उछलकर गिरे
हादसा इतना भीषण था कि कई यात्री सीटों और लोहे के ढांचे में फंस गए, जबकि कुछ यात्री उछलकर सड़क किनारे जा गिरे। स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी।
गंभीर घायलों को रांची-गुमला रेफर
घायलों को एम्बुलेंस से महुआडांड, लातेहार और गुमला अस्पताल ले जाया गया। कुछ घायलों को अंबिकापुर और रांची रेफर किया गया है। देर रात तक 20 से अधिक घायलों को रेफर किया गया।
मुख्यमंत्री ने जताया शोक
हादसे पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और क्षेत्रीय विधायक व कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए और मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
आज बलरामपुर लाए जाएंगे शव
हादसे में मारे गए लोगों के शव सोमवार को बलरामपुर लाए जाएंगे। रविवार को ही जिला पंचायत उपाध्यक्ष धीरज सिंहदेव, कुसमी एसडीएम, तहसीलदार और सामरी थाना प्रभारी महुआडांड पहुंच गए थे। शवों को लाने की प्रशासनिक तैयारी की जा रही है।



