
धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में मंगलवार को ऑटो ऑनर्स एसोसिएशन ने अपनी सात सूत्रीय मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। शहर के विभिन्न हिस्सों से ऑटो चालकों ने रैली निकाली और कलेक्ट्रेट की ओर मार्च किया। बड़ी संख्या में ऑटो चालक और मालिक इस रैली में शामिल हुए, जिससे कुछ समय के लिए यातायात व्यवस्था भी प्रभावित रही।
रैली जैसे ही कलेक्ट्रेट परिसर के पास पहुंची, पहले से तैनात पुलिस बल ने सुरक्षा के मद्देनजर बेरीकेटिंग कर ऑटो ऑनर्स एसोसिएशन के सदस्यों को आगे बढ़ने से रोक दिया। पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद ऑटो चालक बेरीकेट के सामने ही जमीन पर बैठ गए और शांतिपूर्ण ढंग से धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। मौके पर पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे और स्थिति पर नजर बनाए रखी।
ऑटो ऑनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि वे लंबे समय से अपनी समस्याओं को लेकर प्रशासन और परिवहन विभाग से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी कारण मजबूर होकर उन्हें कलेक्ट्रेट का घेराव करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी सात सूत्रीय मांगें पूरी तरह जायज हैं और अगर इन पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
ऑटो चालकों की प्रमुख मांगों में ई-रिक्शा संचालकों की मनमानी पर रोक लगाना शामिल है। उनका आरोप है कि बिना नियमों का पालन किए बड़ी संख्या में ई-रिक्शा शहर की सड़कों पर चल रहे हैं, जिससे ऑटो चालकों की रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि परिवहन विभाग द्वारा केवल ऑटो चालकों का ही चालान किया जाता है, जबकि अन्य अनियमित वाहनों पर कार्रवाई नहीं होती।
एक अन्य महत्वपूर्ण मांग परिवहन विभाग द्वारा वाहनों की समय पर फिटनेस जांच न किए जाने को लेकर है। ऑटो चालकों का कहना है कि विभाग की लापरवाही के कारण उन्हें बार-बार परेशान होना पड़ता है और अनावश्यक रूप से आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने मांग की कि फिटनेस प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाए।
बस स्टैंड क्षेत्र में बढ़ती नशाखोरी और अपराध भी ऑटो ऑनर्स एसोसिएशन की प्रमुख मांगों में शामिल रही। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बस स्टैंड और उसके आसपास नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों की संख्या बढ़ती जा रही है, जिससे यात्रियों और ऑटो चालकों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है। उन्होंने प्रशासन से इस क्षेत्र में नियमित पुलिस गश्त और सख्त कार्रवाई की मांग की।
कलेक्ट्रेट घेराव के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और किसी तरह की झड़प की सूचना नहीं मिली। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों ने एसोसिएशन के प्रतिनिधियों से बातचीत कर उनकी मांगों को ज्ञापन के रूप में स्वीकार किया और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।



