
रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (साय कैबिनेट) की महत्वपूर्ण बैठक आज होने जा रही है। साय कैबिनेट के इस बैठक में कई अहम नीतिगत और प्रशासनिक प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी। सबसे महत्वपूर्ण एजेंडे में रायपुर पुलिस कमिश्नरी प्रणाली से जुड़ा प्रस्ताव शामिल है, जिस पर अंतिम मुहर लगने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
पुलिस कमिश्नरी प्रस्ताव पर फैसला संभव
सूत्रों के अनुसार, साय कैबिनेट में रायपुर पुलिस कमिश्नरी प्रणाली के अधिकार क्षेत्र और प्रशासनिक सीमाओं के निर्धारण को अंतिम मंजूरी दी जा सकती है। यदि प्रस्ताव स्वीकृत होता है तो राजधानी रायपुर के साथ-साथ नवा रायपुर को भी पुलिस कमिश्नरी क्षेत्र में शामिल किया जा सकता है। इससे राजधानी क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी तथा सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी।
साय कैबिनेट में अगर पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू होने पर मुहर लगती है इससे पुलिस प्रशासन को त्वरित निर्णय लेने और अपराध नियंत्रण में अधिक अधिकार मिलेंगे। इस व्यवस्था के तहत पुलिस आयुक्त को मजिस्ट्रेटी शक्तियां भी प्राप्त होंगी, जिससे कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में तत्काल कार्रवाई संभव हो सकेगी। मंजूरी मिलने के बाद राज्य सरकार की ओर से इसकी अधिसूचना जारी की जाएगी।
गणतंत्र दिवस पर भी रहेगा फोकस
बैठक में गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्यपाल द्वारा दिए जाने वाले अभिभाषण के प्रारूप को भी स्वीकृति दी जा सकती है। इस अभिभाषण में राज्य सरकार की उपलब्धियों, आगामी योजनाओं और विकास कार्यों का उल्लेख किया जाएगा। ऐसे में कैबिनेट की मंजूरी के बाद अभिभाषण को अंतिम रूप दिया जाएगा।
धान खरीदी गड़बड़ियों पर समीक्षा
इसके अलावा मंत्रिमंडल की बैठक में धान खरीदी, धान के उठाव और स्टॉक मिलान में सामने आ रही गड़बड़ियों की भी समीक्षा की जाएगी। हाल के दिनों में धान खरीदी से जुड़े मामलों में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं। कैबिनेट इस विषय पर विस्तृत चर्चा कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दे सकती है। इससे किसानों को समय पर भुगतान और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा।
इस अहम बैठक में अन्य विभागीय प्रस्तावों पर भी अहम फैसले लिए जाने की संभावना है। इनमें विकास योजनाएं, प्रशासनिक सुधार, वित्तीय स्वीकृतियां और जनहित से जुड़े निर्णय शामिल हो सकते हैं। मुख्यमंत्री साय की सरकार के गठन के बाद यह बैठक कई मायनों में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इसमें राजधानी की पुलिस व्यवस्था से लेकर कृषि और प्रशासनिक विषयों पर बड़े निर्णय लिए जा सकते हैं।



