
रायपुर : छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से शुरू हुई धान खरीदी अब अपने अंतिम दौर पर है। आज से 4 दिन बाद यानि 31 जनवरी को धान खरीदी का आखिरी दिन है। सरकारी आंकड़ों को मानें तो 13 जनवरी तक 17,77,419 किसानों से 105.14 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है, जिसके एवज में किसानों को ₹23,448 करोड़ की रिकॉर्ड राशि का भुगतान किया गया है। लेकिन दूसरी ओर कांग्रेस लगातार धान खरीदी को लेकर सरकार पर हमलावर है और आरोप लगा रही है कि अब तक कई किसान धान नहीं बेच पाए हैं। इसके साथ ही ये भी मांग उठने लगी है कि धान खरीदी की तारीख आगे बढ़ाई जाए। वहीं, अब मंत्री केदार कश्यप ने ये धान खरीदी की तारीख बढ़ाने की मांग पर सरकार की मंशा साफ कर दी है।
धान खरीदी की तारीख बढ़ाने पर फिलहाल कोई विचार नहीं
धान खरीदी की तारीख आगे बढ़ाने को लेकर सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि आवश्यकता होगी तो तारीख बढ़ाई जाएगी, लेकिन फिलहाल ऐसी स्थिति बनते दिखाई नहीं दे रही है। सहकारिता मंत्री के बयान से ये बात स्पष्ट है कि सरकार फिलहाल धान खरीदी की तारीख बढ़ाने पर कोई विचार नहीं कर रही है। हो सकता है 31 जनवरी को धान खरीदी का आंकलन करने के बाद तारीख आगे बढ़ाने पर सरकार फैसला ले।
अवैध धान खपाने वालों पर हुई कार्रवाई
वहीं, धान खरीदी कम होने के सवाल पर मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि जो वास्तविक धान है वही खरीदी हो रही है। पहले बॉर्डर वाले जिलों से अवैध धान की खरीदी होती थी, लेकिन हमारी सरकार लगातार बिचौलियों पर कार्रवाई कर रही है और अवैध धान को जब्त कर रही है। बता दें कि प्रदेश में धान खरीदी के दौरान हजारों क्विंटल अवैध धान जब्त किए गए हैं और बिचौलियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी की गई है।
105.14 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी
13 जनवरी 2026 को प्रशासन की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार अब तक 17,77,419 किसानों से 105.14 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है, जिसके एवज में किसानों को ₹23,448 करोड़ की रिकॉर्ड राशि का भुगतान किया गया है। यह अब तक के सभी वर्षों की तुलना में 13 जनवरी तक की सबसे अधिक खरीदी और सबसे अधिक भुगतान है।
पिछले साल के मुकाबले अधिक धान खरीदी
यदि पिछले वर्षों के 13 जनवरी तक के आंकड़ों से तुलना की जाए तो सरकार की यह उपलब्धि और भी स्पष्ट रूप से सामने आती है। खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में 13 जनवरी तक 17,49,003 किसानों से 72.15 LMT धान की खरीदी की गई थी और ₹13,550 करोड़ का भुगतान हुआ था। वर्ष 2021-22 में इसी अवधि तक 17,09,834 किसानों से 68.77 LMT धान खरीदा गया था, जिसके बदले ₹13,410 करोड़ किसानों को दिए गए थे।



