सक्ती एवं जांजगीर प्रवास के दौरान कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं विकासात्मक कार्यक्रमों में हुए शामिल

सक्ती एवं जांजगीर प्रवास के दौरान कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं विकासात्मक कार्यक्रमों में हुए शामिल
जांजगीर/सक्ती/आरंग/रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन के (कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, अनुसूचित जाति विकास) मंत्री गुरु खुशवंत साहेब जी जिला सक्ती एवं जांजगीर-चांपा प्रवास के दौरान विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं विकासात्मक कार्यक्रमों में सम्मिलित हुए। बेलटुकरी में युवा संगठन समिति सतनामी समाज द्वारा आयोजित परम् पूज्य गुरु घासीदास बाबा की जयंती एवं विभिन्न विकास कार्यों के भूमिपूजन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर मंत्री गुरु खुशवंत साहेब जी ने बाबा जी का स्मरण करते हुए निर्माण कार्यों का विधिवत शुभारंभ किया। मंत्री गुरु साहेब जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रातः स्मरणीय परम् पूज्य गुरु घासीदास बाबा जी द्वारा दिया गया संदेश “मनखे-मनखे एक समान” आज भी सामाजिक समानता, भाईचारे और समरसता का मजबूत आधार है। बाबा जी की शिक्षाएं वर्तमान समय में भी प्रासंगिक हैं और समाज को सही दिशा प्रदान करती हैं। उन्होंने सभी से बाबा जी के संदेशों को आत्मसात कर जीवन को सार्थक बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर अन्य अतिथिगण, सामाजिक पदाधिकारी, जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ नेता, समाज जन एवं ग्रामीणजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

इसके पश्चात जांजगीर-चांपा जिला प्रवास के दौरान तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब जी पूर्व सांसद कमला देवी पाटले जी के निवास पहुंचे, जहां उन्होंने उनके परिवारजनों का अभिवादन स्वीकार कर शुभाशीष प्रदान किया एवं आत्मीय संवाद कर कुशलक्षेम जाना। साथ ही, भाजपा जिला सक्ती उपाध्यक्ष भुवन भास्कर यादव जी एवं उनके परिवार द्वारा आयोजित हरिवंश महापुराण ज्ञान यज्ञ कथा में सम्मिलित हुए।
इसी क्रम में अपने प्रभार जिला सक्ती के झालरौंदा में आयोजित गुरु प्रकाश पर्व के अवसर पर परम् पूज्य गुरु घासीदास बाबा जी की जयंती समारोह में शामिल होकर अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब जी ने बाबा जी से समस्त समाज एवं प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की। मंत्री गुरु साहेब जी ने कहा कि परम् पूज्य गुरु घासीदास बाबा जी ने समाज को सत्य,समानता और सामाजिक समरसता का अमूल्य संदेश दिया। शिक्षा, जागरूकता और मानव समानता के क्षेत्र में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उनके प्रेरणादायी विचार आज पूरे विश्व को एकता के सूत्र में बांधने का कार्य कर रहे हैं। इन सभी कार्यक्रमों में सामाजिक पदाधिकारी, जनप्रतिनिधिगण, समाज जन एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।




