
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में ट्रैफिक नियमों को लेकर पुलिस ने एक मिसाल पेश की है। अब तक आम जनता को नियमों का पालन कराने वाली पुलिस खुद भी नियमों के दायरे में आ गई है। दुर्ग पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए 24 पुलिसकर्मियों के खिलाफ ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर चालान काटा है। यह कार्रवाई न केवल अनुशासन का संदेश देती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि कानून के सामने सभी बराबर हैं।
दरअसल, शहर में लगाए गए ITMS (इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) कैमरों की मदद से ट्रैफिक नियमों की निगरानी की जा रही है। इन हाईटेक कैमरों को “तीसरी आंख” कहा जा रहा है, जो बिना किसी भेदभाव के हर वाहन और चालक पर नजर रखती है। इसी सिस्टम के जरिए पुलिसकर्मियों द्वारा किए गए ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को चिन्हित किया गया और उनके खिलाफ ई-चालान जारी किया गया।
सूत्रों के मुताबिक, जिन पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई, उन्होंने हेलमेट न पहनने, सिग्नल तोड़ने, ओवरस्पीडिंग और अन्य नियमों का उल्लंघन किया था। पहले ऐसे मामलों में अक्सर चेतावनी देकर छोड़ दिया जाता था, लेकिन इस बार पुलिस प्रशासन ने “अनुरोध नहीं, सीधा चालान” की नीति अपनाई है।
दुर्ग पुलिस कप्तान ने इस कार्रवाई के जरिए स्पष्ट संदेश दिया है कि अब कानून की लाठी महज आम लोगों पर ही नहीं, बल्कि पुलिस महकमे के लापरवाह कर्मचारियों पर भी समान रूप से चलेगी। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक नियमों का पालन सभी के लिए अनिवार्य है, चाहे वह आम नागरिक हो या वर्दीधारी।
इस सख्त कदम का आम जनता ने भी स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि जब पुलिस खुद नियमों का पालन करेगी, तभी समाज में इसका सकारात्मक असर पड़ेगा। कई लोगों ने इसे “बराबरी की सच्ची शुरुआत” बताया और कहा कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी को भी वीआईपी ट्रीटमेंट नहीं मिलना चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि ITMS जैसे तकनीकी सिस्टम के इस्तेमाल से ट्रैफिक व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और नियमों के पालन में सुधार होगा। यह सिस्टम मानवीय हस्तक्षेप को कम करता है, जिससे पक्षपात की संभावना भी खत्म हो जाती है।



