
भिलाई। भिलाई के सेक्टर-7 में पीलिया का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है। स्वास्थ्य विभाग की जांच के चौथे दिन 7 नए मरीज सामने आए हैं, जिसके बाद कुल संक्रमितों की संख्या चार दिनों में बढ़कर 31 तक पहुंच गई है। इससे पहले भी इस मुद्दे को लेकर खबर सामने आई थी कि छत्तीसगढ़ की इस्पात नगरी भिलाई में पीलिया तेजी से फैल रहा है। जानकारी के अनुसार, वार्ड नंबर 67 में 30 से अधिक लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं, जिनमें ज्यादातर 10 से 18 साल के बच्चे शामिल हैं। बीते तीन से चार दिनों में लगातार नए मामले सामने आने से स्थिति चिंताजनक हो गई है।
स्थानीय लोगों ने लगाए गंभीर आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बीएसपी की पुरानी पाइपलाइन से गंदे पानी की सप्लाई हो रही है, जो इस बीमारी की मुख्य वजह बन रही है। उनका कहना है कि करीब 10 मिनट तक नल से गंदा पानी आता है, जिसके बाद साफ पानी मिलने पर वे उसी को संग्रहित कर पीने के लिए इस्तेमाल करते हैं। यही दूषित पानी पीलिया फैलने का कारण बन रहा है। इस समस्या की जानकारी मिलने के बाद निगम के स्वास्थ्य प्रभारी और पार्षद लक्ष्मीपति राजू के साथ-साथ बीएसपी और नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और समस्या के समाधान के प्रयास शुरू किए।
सैंपल लेकर जांच जारी
स्वास्थ्य प्रभारी लक्ष्मीपति राजू ने बताया कि इस बीमारी की जड़ बीएसपी की पुरानी पाइपलाइन है, जो नाले के बीच से गुजरती है और उसमें गंदगी घुलने की आशंका बनी रहती है। उन्होंने बीएसपी प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्षों से यह समस्या बनी हुई है, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। वहीं, विधायक देवेंद्र यादव और महापौर नीरज पाल द्वारा कुछ इलाकों में वाटर एटीएम लगाए गए थे, ताकि लोगों को साफ पानी मिल सके, लेकिन अब नए वाटर एटीएम के लिए अनुमति नहीं मिल रही है।
इधर, नगर निगम की 77 एमएलडी फिल्टर प्लांट की टीम ने करीब 12 घरों से पानी के सैंपल लिए हैं, जबकि स्वास्थ्य विभाग घर-घर सर्वे कर रहा है। अब लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही पाइपलाइन बदली जाएगी या उन्हें स्वच्छ पानी उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि इस बीमारी पर काबू पाया जा सके।



