चांपा नगर पालिका के लाखों करोड़ों की गाड़ियों को कर दिया कबाड़ के हवाले आखिर कार जिम्मेदार कौन?
नगर के कर्ताधर्ता को नहीं है कोई सरोकार , लाखों करोड़ों की गाड़ियों को कर दिया कबाड़

जिला रिपोर्टर मनीराम आजाद
जांजगीर चांपा।
चाँम्पा नगर पालिका के द्वारा शहर वासियों को बेहतरीन सुविधा प्रदान के लिए के लाखों करोड़ों की लागत से गाड़ियां खरीदी गई। लेकिन गाड़ियों के इस्तेमाल नहीं करने से गाड़ी धीरे-धीरे खुले आसमान के नीचे कबाड़ में तब्दील हो चुकीं है। नगर पालिका के द्वारा कई सालों से गाड़ियों को उपयोग नहीं करने से लाखों करोड़ों की सरकार चूना लग रहीं हैं। नगर पालिका के द्वारा लोगों से हर चीजों पर टैक्स लिया जाता है यही टैक्स सरकार तक पहुंचता है और फिर जनता की सुविधाओं के लिए वापस भेज दिया जाता हैं लेकिन इन पैसों को किस तरह से बर्बाद किया जाता है इसका एक नजर चाँम्पा नगर पालिका की ओर देखा जा सकता है। खास बात यह हैं कि खराब गाड़ियों को रिपेयरिंग नहीं की जाती हैं क्योंकि नगर पालिका के द्वारा गाड़ियों का रिपेयरिंग करना अपना तोहीन समझता है कई सालों से गाड़ियों के उपयोग नहीं होने से नगर पालिका के द्वारा कबाड़ में फेंक दिया गया हैं।नगर पालिका के द्वारा स्थापित जगहों पर गाड़ियों के लिए कबाड़खाना बना दिया गया है, नगर पालिका के अधिकारियों के द्वारा गाड़ियों के देखरेख अभाव में सड़ने लगीं हैं जिसका खामियाजा सरकार को लाखों करोड़ों रुपए की भुगतना पड़ता हैं। सूत्रों से पता चली है कि कई गाड़ियां 20 लाख 30 लाख 50 लाख से अधिक की मानी जाती है लेकिन लाखों करोड़ों की कई गाड़ियां खड़ी-खड़ी कबाड़ में तब्दील हो चुकीं हैं।
आखिर किसकी है जवाबदारी कौन है वह जिसने लाखों करोड़ों की गाड़ियों को कबाड़ में तब्दील होने के लिए छोड़ दिया ?
जनता जनार्दन जानने के लिए उत्सुक है ?
सबसे बड़ी सवाल यह हैं कि गाड़ियां कबाड़ में खराब होकर यही पड़ी हुई हैं। जिसका ध्यान जवाबदेही अधिकारियों को नहीं रहता हैं चांपा शहर में नगर पालिका किस तरह से लोगों को सुविधा प्रदान कर पाएगी यह सोचने की विषय है नगर पालिका में खड़ी गाड़ियों में किसी में चक्का नहीं तो किस में ईंजन नहीं तो किस में पानी टंकी नहीं तो टंकी वाली गाड़ियों बड़ी बड़ी में छेद हैं। नगर पालिका सुलभ शौचालय के बगल में लगे पानी टंकी परिसर में डोर टू डोर कचरा कलेक्शन के नाम पर खरीदी गई वाहनों की दुर्दशा देखी जा सकती हैं। यहां पर आधा दर्जन से भी ज्यादा हाथ रिक्शा ट्रैक्टर अन्य भारी वाहन खराब होकर एक साथ अलग-अलग जगह कोनों में पड़े हुए मिलेंगे
ट्रैक्टर पानी टंकी कचरा ढोने वाला ट्रॉली
ई-रिक्शा केवल कबाड़खाना के लिए खरीदे गए हैं
ट्रैक्टर सेफ्टी मशीन अन्य भारी कीमती वाहनों खराब होकर पड़ी हुई हैं नगर पालिका केवल कबाड़ करने के लिए शायद खरीदी गई है। नगरपालिका के अधिकारियों के द्वारा रखे गाड़ियों को रिपेयरिंग करने के बजाय कबाड़ समझने लगे हैं तो वहीं धूप-बारिश के चलते बाहर में रखें रखें सालों से गाड़ियों को बेकार समझ कर छोड़ दिये हैं।