
दंतेवाड़ा/नरेंद्र श्रीवास्तव। जिला न्यायालय से प्राप्त जानकारी अनुसार 1 जुलाई से लागू तीन नए कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम के संदर्भ में जेल विभाग एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला जेल दंतेवाड़ा के संयुक्त तत्वाधान में कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती अपूर्वा दांगी ने बताया कि सारे नये कानून में प्रकरण के अन्वेषण विचारण के हर स्तर पर समय की बाध्यता होगी एवं छोटे अपराधों में दोषी को सामुदायिक सेवा करने के लिए निर्देशित किया जा सकेगा जो उसकी सजा मानी जाएगी। साथ ही सभी अभिलेख डिजिटल होंगे। इसके अलावा लीगल एड डिफेंस काउंसिल के चीफ श्री के.के. दुबे ने बताया कि किसी भी प्रकार का व्यक्ति किसी भी क्षेत्र के थाने में एफ. आई .आर. लिखवा सकता है, और फरार व्यक्ति सजा से नहीं बच पाएगें। इस संबंध में श्री सुरेश श्रीवास्तव ने बताया कि प्रकरण के सारे अभिलेख डिजिटल हो जायेंगे जिससे व्यक्ति की फाइल गुम हो जाने पर उसका केस आसानी से मिल जायेगा। सहायक सुश्री स्वेता एक नीलघर समरथ ने नए कानूनों में धाराओं में परिवर्तन के बारे में विस्तृत जानकारी दी।