सड़क पर अर्धनग्न घूम रहे मास्साब सस्पेंड, DEO के पास पहुंची थी लंबी शिकायत, अब हुए निलंबित

पखांजूर। शिक्षा विभाग ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला जावेली (जेवली) में पदस्थ शिक्षक महेश्वर सिंह चन्द्रवशी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। शिक्षक पर विद्यार्थियों के साथ अनुचित व्यवहार, बिना सूचना लंबे समय तक अनुपस्थित रहने और शैक्षणिक कार्य में गंभीर लापरवाही के आरोप लगे थे। हाल ही में उनका एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें वे बाजार क्षेत्र में अर्धनग्न अवस्था में घूमते दिखाई दिए थे। मामले ने क्षेत्र में व्यापक चर्चा और नाराजगी को जन्म दिया।
जानकारी के अनुसार, शिक्षक के विरुद्ध जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को लगातार शिकायतें मिल रही थीं। अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया था कि संबंधित शिक्षक विद्यालय में नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहते और बच्चों की पढ़ाई में रुचि नहीं लेते। इससे विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो रही थी और विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर लग रहा था।
शिकायतों के आधार पर विभागीय स्तर पर जांच कराई गई। जांच में यह तथ्य सामने आया कि शिक्षक 16 फरवरी 2026 से बिना किसी पूर्व सूचना के लगातार अनुपस्थित थे। साथ ही विद्यार्थियों के साथ उनके व्यवहार को लेकर भी गंभीर आपत्तियां दर्ज की गईं। प्राथमिक जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए, जिसके बाद संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग बस्तर द्वारा निलंबन आदेश जारी किया गया।
निलंबन आदेश के तहत शिक्षक महेश्वर सिंह चन्द्रवशी को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय कांकेर निर्धारित किया गया है। इस अवधि में वे बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे और विभागीय निर्देशों का पालन करना होगा।
वायरल वीडियो के सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि शिक्षक का आचरण समाज और शिक्षकीय गरिमा के अनुरूप नहीं था। एक शिक्षक से अपेक्षा की जाती है कि वह विद्यार्थियों के लिए आदर्श बने, लेकिन इस प्रकरण में इसके विपरीत स्थिति सामने आई। यही कारण है कि विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्पष्ट संदेश देने का प्रयास किया है कि अनुशासनहीनता और कर्तव्य के प्रति लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि विद्यार्थियों की पढ़ाई और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि कोई कर्मचारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन ईमानदारी और अनुशासन के साथ नहीं करता, तो उसके विरुद्ध सख्त कदम उठाए जाएंगे।



