आरंगछत्तीसगढ़रायपुर

भलेरा सोसायटी के धान बोरियों में पानी डालने वाले 4 कर्मचारी हुए निलंबित 

भलेरा सोसायटी के धान बोरियों में पानी डालने वाले 4 कर्मचारी हुए निलंबित

आरंग। आरंग ब्लॉक के भलेरा धान खरीदी केंद्र में धान की बोरियों में पानी डालने का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने पड़ी कार्रवाई करते हुए भलेरा समिति चार कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है. धान की बोरियों में पानी मिलने की वीडियो सामने आने के बाद आज सुबह आक्रोशित किसानों ने धान खरीदी केंद्र के सामने धरना-प्रदर्शन किया था. जिसके बाद जांच टीम गठित किया गया था।

गठित जांच दल के सदस्य आरंग विकासखंड के सहकारिता विस्तार अधिकारी सुमित डडसेना से बताया कि किसानों से मिली शिकायत के आधार पर पूरे मामले की जांच कर आयुक्त को प्रतिवेदन सौंप दिया गया है. मामले में समिति में कार्यरत चार कर्मचारियों, समिति प्रबंधक विष्णु साहू, लिपिक उमेश साहू, चौकीदार इंदरमन निषाद, और दैनिक वेतनभोगी जितेंद्र कुमार साहू को सेवा से तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है।

जांच समिति में भलेरा सोसायटी के प्राधिकृत अध्यक्ष लीलूराम साहू, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक आरंग शाखा प्रबंधक नरेंद्र चंद्राकर के अलावा सहकारिता विस्तार अधिकारी सुमित डडसेना शामिल थे।

बताया जा रहा है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे नियमों के तहत संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने की तैयारी का जा रही है।

 क्या था पूरा मामला

दरअसल कल गुरुवार शाम के समय समिति के कुछ कर्मचारियों द्वारा धान की बोरियों में पाइप के माध्यम से पानी डाला जा रहा था। जिसे गांव के एक व्यक्ति द्वारा वीडियो बना लिया और अन्य ग्रामीणों को सूचित किया जिसके बाद वीडियो भी वायरल हुआ और ग्रामीण खूब हंगामा करते हुए कार्रवाई की मांग करने लगे थे ।

ग्रामीणों का आरोप है कि धान की बोरियों में पानी डालकर उनका वजन बढ़ाने की कोशिश की जा रही थी, जिससे शासन को आर्थिक नुकसान पहुंच सकता है। घटना सामने आने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया भी शुरू हो गई थी। कांग्रेस नेता एवं जिला पंचायत सदस्य यशवंत साहू ने इस पूरे मामले की कड़ी निंदा की थी । उन्होंने कहा कि किसानों और शासन के साथ इस प्रकार की गड़बड़ी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यशवंत साहू ने प्रशासन से मांग की थी कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच कर दोषी कर्मचारियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में इस तरह की अनियमितता दोबारा न हो।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button