BREAKING : जेईई एडवांस्ड में मृदुल बने टॉपर, लड़कियों में काव्या को पहला स्थान
नई दिल्ली / रायपुर। देशभर के विभिन्न आईआईटी संस्थानों में दाखिले के लिए आयोजित की गई जेईई एडवांस परीक्षा के नतीजे शुक्रवार को घोषित कर दिए गए हैं। आईआईटी दिल्ली क्षेत्र के छात्र मृदुल अग्रवाल इन परीक्षाओं में शीर्ष स्थान पर हैं। उन्होंने जेईई एडवांस परीक्षा में टॉप किया है। मृदुल अग्रवाल ने जेईई (एडवांस्ड) 2021 में कॉमन रैंक लिस्ट में 360 अंकों में से 348 अंक प्राप्त किए।
छात्राओं में आईआईटी दिल्ली क्षेत्र की काव्या चोपड़ा शीर्ष स्थान पर-
छात्राओं की श्रेणी में आईआईटी दिल्ली क्षेत्र की काव्या चोपड़ा सीआरएल 98 के साथ शीर्ष स्थान पर हैं। उन्होंने कुल 360 अंकों में से 286 अंक प्राप्त किए हैं। जेईई (एडवांस्ड) 2021 के पेपर 1 और 2 दोनों में कुल 141699 उम्मीदवार शामिल हुए। कुल 41862 उम्मीदवारों ने जेईई (एडवांस्ड) 2021 क्वालिफाई किया है। कुल क्वालिफाई में से उम्मीदवार, 6452 महिलाएं हैं।
मृदुल अग्रवाल ने तोड़ा रिकॉर्ड –
टॉपर मृदुल अग्रवाल ने परीक्षा में अब तक के सबसे अधिक अंक हासिल किए हैं। किसी भी उम्मीदवार द्वारा प्राप्त अब तक का सबसे बेहतर स्कोर है। मृदुल अग्रवाल ने 360 में से 348 अंक प्राप्त किए हैं। इससे पहले जेईई (एडवांस्ड) का उच्चतम स्कोर 401 में 385 था। रविवार 3 अक्टूबर को जेईई एडवांस की परीक्षा आयोजित की गई थी। यह परीक्षा देशभर के 23 आईआईटी संस्थानों में दाखिले के लिए आयोजित की गई थी।
कोरोना गाइडलाइन्स में हुई थी परीक्षा –
कोरोना नियमों का पालन करते हुए परीक्षा दो शिफ्ट में आयोजित की गई। कई छात्रों ने परीक्षा के उपरांत कहा कि जेईई एडवांस में गणित के प्रश्न काफी परेशान करने वाले रहे। वहीं इस बार जेईई मेंस की परीक्षा चार अलग-अलग चरणों में आयोजित करवाई गई थी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी चारों चरण की परीक्षा का परिणाम घोषित कर चुकी है इन परीक्षाओं में उत्तीर्ण हुए छात्रों को जेईई एडवांस परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया गया है।
पहली बार 13 विभिन्न भाषाओं में परीक्षा देने का मौका –
चौथे चरण की जेईई मेंस परीक्षाओं में 44 छात्रों ने शत प्रतिशत अंक हासिल किए थे। वहीं 18 छात्र जेईई मेंस परीक्षाओं में नंबर वन रैंक हासिल करने में कामयाब रहे थे। टॉप करने वाले इन 18 छात्रों में से 2 छात्र दिल्ली रीजन के थे।
जेईई जैसी अहम परीक्षाओं के लिए इस बार 13 विभिन्न भाषाओं को स्वीकृति प्रदान की गई थी। इंजीनियरिंग करने के इच्छुक छात्र इस सुविधा के अंतर्गत अपनी मातृभाषा में परीक्षाएं दे सके हैं। जेईई एडवांस परीक्षा के नतीजों के आधार पर अब देश की 23 आईआईटी, 31 एनआईटी, 23 ट्रिपल आईटी, सहित जेएफटीआई की 40 हजार से अधिक सीटों पर दाखिले होंगे।