आरंगछत्तीसगढ़

अब प्रशासन को कौन बताए कि आदर्श आचार संहिता शिथिल हुए महीने गुजर गए

  • शहर की सड़कों पर स्वागत गेट में लगे मुख्यमंत्री, विधायक की तस्वीरें अभी भी ढंके हुए हैं

आरंग। प्रदेश मे नगरीय निकाय चुनाव / त्रिस्तरीय पंचायती चुनाव को लेकर आदर्श आचार संहिता के चलते स्वागत गेट पर लगे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं विधायक की तस्वीर को ढंक दिया गया था। पंचायत का चुनाव हुए महीने गुजर गए हैं। जिला कलेक्टर के द्वारा आदेश भी प्रभावी हो चुका है जिसके तहत आदर्श आचार संहिता को शिथिल कर दिया गया है। बावजूद इसके यहां ढंके हुए तस्वीर से नेट को अभी तक नहीं निकाले गए हैं। इन्हें आने जाने वाले लोगों के देखने के लिए ही लगाया गया है ताकि इस क्षेत्र में आने के बाद राहगीरों को पता चल सकें कि यहां का विधायक खुशवंत साहेब है और प्रदेश का मुख्यमंत्री विष्णु देव साय हैं। लेकिन तस्वीर ढंकने वाले स्थानीय प्रशासन को शायद फुर्सत नहीं है इसे निकालने की।

भैंसा से गुरुद्वारा भंडार पूरी जाने के मार्ग मे स्टेण्ड चौंक भैंसा पर बड़ा सा स्वागत गेट लगा हुआ है जिसमें भी उनके फोटो ढंके हुए है। इसी तरहक्षेत्र के अनेक स्थानों पर ये देखने को मिला है, यह दृश्य स्पष्ट रूप से देखे जा सकते हैं। वही राजिम की घटना भी कुछ दिन पूर्व ही प्रेषित किया गया था उल्लेखनीय है कि राजिम देश का प्रसिद्ध धार्मिक एवं तीर्थ नगरी है यहां फरवरी मार्च महीने में ही 15 दिनों के लिए विशाल कुंभ कल्प मेला लगता है जिसमें देश-विदेश के लोग बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। इसके अलावा शुक्रवार को एक जबरदस्त वाक्या सुनने को मिला। पिंडदान के लिए पहुंचे एक श्रद्धालु ने इस ढंके हुए तस्वीर को देखकर एक व्यक्ति से पूछ दिया कि इसमें क्या छुपा हुआ है। यही बात एक टूरिस्ट ने कहा, तब उन्होंने बताया कि आचार संहिता के चलते मुख्यमंत्री और विधायक का फोटो ढंक दिया गया था। शायद स्थानीय प्रशासन ने इन्हें निकालना भूल गए। इतने पर बाहर से पहुंचे टूरिस्ट ने कहा कि अभी यह शहर इतना बड़ा नहीं हुआ है और इस तरह से प्रदेश के मुखिया और क्षेत्र के मुखिया के फोटो को आचार संहिता हटने के बाद भी ढंके रहना अच्छी बात नहीं है। ज्ञातव्य हो कि इस तरह की लापरवाही लोगों के समझ में नहीं आ रही है कि इसे कभी खोला भी जाएगा या फिर ढंका ही रहेगा।

पिंडदान, अस्थि विसर्जन, त्रिवेणी संगम में स्नान, मंदिर दर्शन, पर्यटन एवं अन्य कार्य के लिए पर्यटक तथा श्रद्धालु बारहों महीना आवागमन करते हैं। अब यहां आने वाले दूसरे प्रदेश के श्रद्धालुओं को बताने वाले की प्रदेश के मुख्यमंत्री कौन हैं तथा राजिम के विधायक कैसे दिखते हैं और उनका नाम क्या है वही तस्वीर उन्हें ढंका हुआ मिल रहा है। तब या तो वह बिना जानकारी लिए ही अपने गंतव्य के लिए गमन कर रहे हैं या फिर एक दूसरे से पूछकर जानकारी ले रहे हैं। इस तरह से जिम्मेदार विभाग की उदासीनता इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button