अब विदेश में धमाल मचाने को तैयार ‘द केरल स्टोरी’, 200 सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई फिल्म
विवादों के बावजूद, इंडिया में ब्लॉकबस्टर हो चुकी ‘द केरल स्टोरी’ अब इंटरनेशनल थिएटर्स में भी रिलीज हो चुकी है. शुक्रवार को ‘द केरल स्टोरी’ अमेरिका और कनाडा की 200 से ज्यादा स्क्रीन्स पर रिलीज हो गई. इस मौके पर फिल्म के डायरेक्टर सुदीप्तो सेन ने कहा कि ये फिल्म एक मिशन है जो सिनेमा की क्रिएटिव बाउंड्रीज से भी बढ़कर है.जो सिनेमा की रचनात्मक सीमाओं से परे है.उन्होंने डिजिटल प्रेस वार्ता के दौरान भारतीय और अमेरिकी पत्रकारों के समूह से बात करते हुए कहा कि, ‘देश, केरल में काफी समय से जारी समस्या को नज़रअंदाज़ कर रहा था. ‘द केरल स्टोरी’ एक ऐसा आंदोलन है, जिसे पूरे विश्व के लोगों तक पहुंचना चाहिए और जागरूकता बढ़ानी चाहिए.’
वहीं, फिल्म के निर्माता विपुल शाह ने कहा है कि, ‘फिल्म में जो दिखाया गया है, वह सच लोगों से छिपाया गया था और इसे दिखाया जाना चाहिए था। हमने पूरे विश्व में इस सम्बन्ध में चर्चा शुरू करने के लिए फिल्म बनाई।’ बता दें कि, इस फिल्म में 3 लड़कियों की सच्ची कहानी बताई गई है, जिनका ब्रेनवाश करके पहले उन्हें इस्लाम में धर्मान्तरित किया गया, और फिर आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) में भर्ती करा दिया गया था. बता दें कि, भाजपा समेत तमाम हिंदूवादी संगठनों ने इस फिल्म का समर्थन किया है, वहीं, कांग्रेस, वामपंथी और इस्लामी संगठन इसका पुरजोर विरोध कर रहे हैं.यहाँ तक कि, बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने तो फिल्म को बैन तक कर दिया है, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने उसे फटकार तक लगाई है। अदालत का कहना था कि, बंगाल भारत का ही हिस्सा है, कोई अलग नहीं, जब पूरे देश में फिल्म चल रही है, तो बंगाल में क्या समस्या है.कोर्ट ने ममता सरकार को नोटिस भेजकर जवाब भी माँगा है.वहीं, बंगाल से कुछ वीडियो भी सामने आए थे, जिसमे केरला स्टोरी का समर्थन कर रहे लोगों को बंगाल पुलिस पीट रही थी.
बता दें कि, मद्रास हाई कोर्ट ‘The Kerala Story’ कि रिलीज़ पर रोक की मांग ख़ारिज करते हुए कह चुकी है कि, फिल्म इस्लाम नहीं, बल्कि आतंकी संगठन ISIS के खिलाफ है. वहीं, भारत के कई इस्लामी नेता कई बार कह चुके हैं कि, आतंकी संगठनों या ISIS का इस्लाम से कोई ताल्लुक नहीं, ऐसे में ये सोचने वाली बात है कि, आतंकी संगठनों के विरोध को मुसलमान अपना विरोध क्यों समझ रहे हैं ?