छत्तीसगढ़

बन्द हो रहे प्राइवेट स्कूलों के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो, सरकार उचित व्यवस्था कराये: डागेशवर

आरंग। कोरोना काल के दौरान लोकडाउन किये जाने का असर अब दिखने लगा है , एक तरफ बेरोजगारी बढ़ रही है तो दूसरी तरफ बच्चों के भविष्य की चिंता है ।

समाचार पत्रों के माध्यम से जानकारी मिलने पर आम आदमी पार्टी ने इन मुद्दों पर चिंता जताई है । खासकर शिक्षा व शिक्षकों के भविष्य को लेकर आम आदमी पार्टी विधानसभा प्रभारी डागेशवर भारती ने कहा कि छत्तीसगढ़ में जिस प्रकार लगभग 450 निजी स्कूलों में स्थायी ताले लग गये हैं , एवं लगभग 150 स्कूल बन्द होने की कगार पर है , ये बेहद ही चिंता का विषय है।

इसमें सरकार को पहल करते हुए कोई उचित व्यवस्था बनानी होगी जिससे इन स्कूलों में पढ़ रहे लगभग 50 हजार बच्चों के भविष्य की पढ़ाई सुचारु रूप से जारी रहे व उनके किसी अन्य स्कूलों में दाखिले हेतु भटकना न पड़े । जिसकी व्यवस्था सरकार को बनानी होगी , साथ ही इन स्कूलों के लगभग 20 हजार शिक्षा कर्मचारियों के रोजगार की व्यवस्था पर सरकार को काम करना पड़ेगा ।

शिक्षको पर उन्होंने एक सुझाव देते हुए कहा कि सरकार द्वारा इंग्लिश मीडियम स्कूल जो खोले गए है उन स्कूलों में इन कर्मचारियों के साक्षात्कार कर योग्यता के आधार पर नौकरी दी जानी चाहिए ।

विधानसभा अध्यक्ष हेमराज बंजारे ने कहा कि भविष्य में स्कूल के बाजारीकरण पर लगाम लगाने की जरूरत है । जिस प्रकार आज प्राइवेट स्कूल बंद हो रहे है एवं उन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक को दूसरे स्कूलों में दाखिले के दौरान लगने वाले जरूरी दस्तावेजों के लिए भटकना पड़ रहा है , इससे ये साबित होता है कि इन स्कूलों का उद्देश्य केवल पैसे कमाना था । बच्चों के भविष्य से इनका कोई सरोकार नही था ।

यदि इन्हें बच्चों के भविष्य की चिंता होती तो स्कूल बंद करने से पहले उन बच्चों के दस्तावेज का बंदोबस्त करने के पश्चात बन्द करते । हमारी राज्य सरकार से अपील है आने वाले वक्त में किसी भी प्राइवेट संस्था को स्कूल खोलने की अनुमति न दी जाए जिससे शिक्षा का बाजारीकरण होने से बचा जा सके ।

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