
रवि कुमार तिवारी,
खरोरा। जिन घरों में यह नल जल उपलब्ध है वह इस योजना का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं । घर में पीने के लिए पानी न होने पर वे दूर की टंकियो से पानी बाल्टी में लाने को मजबूर है। इतनी सुविधाओं के बावजूद, इस असुविधा का सामना करना, ग्राम पंचायत के मुंह पर करारा तमाचा है और ग्राम पंचायत की अव्यवस्था को दर्शाता है। पिछले 30 दिनों से यह समस्या बरकरार है।
नल खोलने का कोई निश्चित समय ही नहीं रहता। कभी सुबह 8 बजे तो कभी सुबह 10 बजे नल खोल दिया जाता है, जिससे लोग बेखबर रहते है। और तो और 1 घंटे नल खोलने का प्रावधान होने के बावजूद, कभी 15 मिनट तो कभी 10 मिनट नल खोल कर मनमानी करने लगते है जिसका खामियाजा पूरे ग्रामवासी को भुगतना पड़ रहा है। नल के बिगड़ जाने से 4 – 5 दिनों तक नल का पानी नहीं आता है। लोगों को टैंकरों का निजी सहारा लेना पड़ रहा है। लोग जलाशयों का भी सहारा लेने लगे है, जो कि अस्वच्छ है।
क्या ये शर्म की बात नहीं कि आदर्श ग्राम पंचायत होने के बावजूद इस ग्राम पंचायत में एक भी टैंकर की सुविधा नहीं है ?
ग्रामवासी इसकी शिकायत करने ग्राम पंचायत गए थे, कारण वश ग्राम सरपंच मयाकुमार वंशे और ग्राम सचिव शिवचरण वर्मा अनुपस्थित थे। मोबाइल से संपर्क करने पर, उनके द्वारा बयान दिया गया कि -“जलश्रोत कम हो चुका है, दूसरे बोरवेल की खुदाई का कार्य चल रहा है, तथा पंचायत के पास फंड नहीं है।”
तो क्या इसी वजह से ग्राम वासी पानी की समस्या से परेशान होकर भुगतते रहे? क्या ग्राम वासियों की पानी की यह समस्या उनके लिए नाममात्र की समस्या रह गई है?
उपसरपंच लोमश देवांगन के द्वारा आश्वाशन दिया गया कि पानी की आपूर्ति, फंड आने पर जल्दी ही की जाएगी। केशला के जलश्रोत को बढ़ाने हेतु प्रयास किए जाएंगे।