सहारा निवेशकों का इंतजार खत्म,, पैसों को लेकर आया नया अपडेट
नई दिल्ली। सहारा समूह की कंपनियों में पैसे लगाने वालों के लिए बड़ी खबर है। सरकार ने उच्चतम न्यायालय का आदेश आने के बाद बीते बुधवार को कहा कि सहारा समूह की चार सहकारी समितियों के 10 करोड़ निवेशकों को उनका पैसा नौ माह में लौटाया जाएगा। उच्चतम न्यायालय ने निर्देश दिया है कि 5,000 करोड़ रुपये की राशि को सहारा-सेबी रिफंड खाते से केंद्रीय पंजीयक को स्थानांतरित किया जाए। न्यायालय ने केंद्र सरकार की वह याचिका स्वीकार कर ली जिसमें जमाकर्ताओं को भुगतान के लिए सहारा समूह द्वारा भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास जमा कराए गए 24,000 करोड़ रुपये में से 5,000 करोड़ रुपये केंद्रीय पंजीयक को स्थानांतरित करने का अनुरोध किया गया था।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने दी जानकारी
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बीते बृहस्पतिवार को कहा कि सहारा समूह द्वारा चलाई जा रही चार सहकारी समितियों के 10 करोड़ से अधिक निवेशकों को उनका पैसा ब्याज सहित मिलेगा। गौरतलब है कि इन निवेशकों का धन इन चार सहकारी समितियों में फंसा हुआ है। उन्होंने ने कहा कि उनके निवेश को ब्याज सहित लौटाने की प्रक्रिया तीन-चार महीने में शुरू हो जाएगी।
शाह ने यहां ऋषिकुल मैदान में उत्तराखंड सहकारिता विभाग के एक कार्यक्रम में यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने सहारा समूह की सहकारी समितियों में निवेश करने वाले निवेशकों का पैसा लौटाने का आदेश जारी किया है। शाह ने कहा कि सहकारिता मंत्रालय लगातार इस मामले को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने निवेशकों से अपने दावे केंद्रीय सहकारी समितियों के पंजीयक को भेजने के लिए कहा।
9 महीने में वापस मिलेगा सभी का पैसा
सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्देश पिनाक पानी मोहंती की जनहित याचिका पर केंद्र सरकार की ओर से दायर एक आवेदन पर दिया है। मोहंती ने चिट फंड कंपनियों और सहारा क्रेडिट फर्म्स में निवेश करने वाले डिपॉजिटर्स को उनका पैसा वापस करने का निर्देश देने की मांग की थी। अब 9 महीने में निवेशकों को उनका पैसा वापस दिया जाएगा।