मातम में बदली खुशियां: सड़क पर पति की लाश के साथ बैठी धरने पर

बीजापुर ।जिले के कलमाड़ क्षेत्र में हुए सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ में एक व्यक्ति की मौत हो गई। पति की मौत के बाद आज पत्नी ने ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ता के साथ सड़क पर बैठकर न्याय की गुहार लगायी । वहीं दूसरी तरफ पुलिस का कहना है कि माओवादी संगठन में उनकी सक्रियता थी। जबकि, न्याय की गुहार लगा रही पत्नी ने मुठभेड़ को फर्जी होने का आरोप लगाया है।
दरअलस कलमाड़ क्षेत्र के उथला क्षेत्र में जवानों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस दौरान बोड़गा निवाासी रमेश ओयाम की गोली लगने से मौत हो गई ती। मृतक की पत्नी का कहना है कि उनकी 8 दिन की बच्ची के नामकरण कार्यक्रम के लिए रमेश सामान खरीदने गये थे। इसी बीच मुठभेंड़ के दौरान उन्हें गोली लग गयी। इस घटना में उसकी मौत हो गई। शंकर की मौत के बाद घर की खुशियां मातम में तब्दील हो गयी। शंकर की मौत के बाद अपने आठ माह की बेटी के साथ पत्नी धरने पर बैठ गयी। उसके साथ ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ता बेला भाटिया भी थी। सभी ने पीडिता को न्याय देने की मांग की। इधर भैरमगढ़ एसडीओपी का कहना है कि रमेश ओयाम नक्सली संगठन में सक्रिय था।