छत्तीसगढ़

राहुल गांधी की सभा के तुरंत बाद पार्टी छोड़ी…..अब सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ ग्रामीण अध्यक्ष ने थामा BJP का दामन

जगदलपुर । छत्तीसगढ़ कांग्रेस में घमासान और पार्टी छोड़ने का सिलसिला थमने का नाम ही नही ले रहा है। बस्तर में कल शनिवार को राहुल गांधी की चुनावी रैली के ठीक बाद बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी के ग्रामीण अध्यक्ष ने खुद के साथ दुर्व्यवहार होने का गंभीर आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़ दी थी। आज दूसरे दिन कांग्रेस नेता बलराम मौर्य ने अपने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ बीजेपी प्रवेश कर लिया। मंत्री केदार कश्यप ने भगवा गमछा पहनाकर सभी का बीजेपी प्रवेश करवाया। बस्तर लोकसभा सीट पर चुनाव से महज 6 दिन पहले कांग्रेस के ग्रामीण जिला अध्यक्ष के भाजपा में प्रवेश करने से कांग्रेस को बड़ा नुकसान होने की अनुमान लगाया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ में लोकसभा चुनाव को लेकर सियासी घमासान जारी है। लेकिन इसी घमासान के बीच कांग्रेस अपने ही पार्टी में व्याप्त असंतोष और भगदड से पेरशान नजर आ रही है। बस्तर लोकसभा सीट में मतदान से ठीक 6 दिन पहले कांग्रेस के ग्रामीण अध्यक्ष ने पार्टी छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया। कांग्रेस नेता ने यह कदम उस वक्त उठाया है, जब बस्तर दौरे पर कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी चुनाव प्रचार करने पहुंचे थे। शनिवार को राहुल गांधी के बस्तर से लौटते ही ग्रामीण अध्यक्ष बलराम मौर्य ने पीसीसी चीफ के नाम पत्र लिखकर पार्टी ना केवल पार्टी से इस्तीफा दे दिया, बल्कि खुद के साथ दुव्र्यवहार होने का गंभीर आरोप भी लगाया गया। आज भाजपा प्रवेश करने के बाद बलराम मौर्य ने कहा कि पिछले 27 साल से मैंने कांग्रेस के लिए ईमानदारी से काम किया। परिणाम के रूप में मुझे सिर्फ अपमान मिला। अब अपनी मर्जी से मैने पार्टी छोड़ा और भाजपा में शामिल हुआ हूं।

बलराम मौर्य ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि मैं एक छोटे से कार्यकर्ता के रूप में कांग्रेस में शामिल हुआ था। ब्लॉक कांग्रेस महामंत्री, फिर ब्लॉक अध्यक्ष बना। भूपेश बघेल जब प्रदेश अध्यक्ष थे, तब प्रदेश सचिव की जिम्मेदारी थी। इसके बाद बस्तर जिला में ग्रामीण जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गयी। लेकिन अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से प्रभावित होकर बीजेपी प्रवेश किया है। बलराम मौर्य ने आज अपने 100 कार्यकर्ताओं के साथ बीजेपी की प्राथमिक सदस्या लेकर पार्टी में शामिल हुए। मंत्री केदार कश्यप ने सभी को भगवा गम्छा पहनाकर पार्टी में प्रवेश कराया। आपको बता दे कि बस्तर से ग्रामीण अध्यक्ष रहे बलराम मौर्य चित्रकोट विधानसभा से टिकट के प्रबल दावेदार थे। इस सीट से साल 2018 में दीपक बैज चुनाव लड़कर विधानयक बने थे।

जिसके बाद साल 2019 में लोकसभा चुनाव में दीपक खड़े हुए और जीते थे। यह सीट खाली हुई। 2018 और 2019 में इस सीट से टिकट लेने बलराम की प्रबल दावेदारी थी। लेकिन कांग्रेस पार्टी ने 2019 में राजमन बेंजाम को टिकट दिया गया। वहीं 2023 के चुनाव में भी बलराम मौर्य ने फिर से टिकट के लिए अपनी दावेदारी पेश की थी। लेकिन इस बार कांग्रेस पार्टी ने पीसीसी चीफ दीपक बैज को दोबारा इस सीट से प्रत्याशी बनाकर उतार दिया था। जिसमें दीपक बैज को हार का सामना करना पड़ा था। राजनीति जानकार बताते है कि साल 2018 से लगातार टिकट की दावेदारी कर रहे बलराम मौर्य का हमेशा पार्टी से उपेक्षा का शिकार होना पड़ा। जिससे वो पार्टी की नीति से नाराज चल रहे थे, अब कांग्रेस छोड़ने के बाद बलराम मौये के भाजपा में शामिल होने से कांग्रेस को इस सीट से काफी नुकसान होने की उम्मींद जतायी जा रही है।

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