छत्तीसगढ़ में डा.रेणु जोगी ने कहा-मैं जकांछ में ही अच्छी हूं, पार्टी के तीन विधायकों का भाजपा व कांग्रेस की तरफ दिख रहा रूझान
बिलासपुर। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ की सुप्रीमों व कोटा की विधायक डा. रेणु जोगी के राजनीतिक बयान से प्रदेश की राजनीति सरगर्म हो गई है। कांग्रेस में जकांछ के विलय की अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा कि फिलहाल ऐसी कोई चर्चा नहीं हुई है। पार्टी के तीन विधायकों के भाजपा व कांग्रेस से बढ़ती नजदीकियों का खुलासा कर चौंका दिया है। डा.जोगी ने कहा कि जकांछ के वरिष्ठ विधायक धर्मजीत सिंह की भाजपा के प्रति स्र्चि बढ़ रही है। हालांकि धर्मजीत सिंह ने डा. जोगी के बयान को उनका अपना निजी विचार करार दिया है।
जकांछ सुप्रीमों डा जोगी गौरेला में पत्रकारों से चर्चा कर रही थी। प्रदेश की सरगर्म सियासत के बीच दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान सोनिया गांधी से मुलाकात और पार्टी के विलय के सवाल पर उन्होंने जकांछ के कांग्रेस में फिलहाल विलय की बातों को नकार दिया है। उनका कहना है कि कांग्रेस आलाकमान से पारिवारिक व अन्य विषयोें पर चर्चा हुई है। पार्टी के विलय को लेकर कोई चर्चा फिलहाल नहीं हुई है और वर्तमान में ऐसी कोई संभावना भी नहीं बन रही है।
जकांछ के दो विधायकों के कांग्रेस के प्रति बढ़ती नजदीकी के सवाल पर उन्होंने बेबाकी के साथ कहा कि साफ हो गया है कि पार्टी के दो विधायक देवव्रत सिंह व प्रमोद शर्मा लगातार कांग्रेस नेताओं के संपर्क में हैं। इनकी नजदीकी भी लगातार बढ़ रही है। उन्होंने यह बयान देकर चौंका दिया कि पार्टी के वरिष्ठ नेता धर्मजीत सिंही की स्र्चि लगातार भाजपा के प्रति बढ़ती जा रही है। उन्होंने साफतौर पर संकेत दिया कि भविष्य में धर्मजीत सिंह का राजनीतिक पड़ाव भाजपा हो सकता है।
मरवाही विधानसभा उपचुनाव के दौरान जकांछ ने भाजपा प्रत्याशी को जिस नाटकीय घटनाक्रम के तहत समर्थन देने की घोषणा की थी। जकांछ के इस राजनीतिक निर्णय में धर्मजीत सिंह ने अहम भूमिका निभाई थी। उसी वक्त से ही यह अटकलें तेज हो गई थी कि आने वाले दिनों या फिर वर्ष 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव के ठीक पहले धर्मजीत सिंह जकांछ का दामन झटककर भाजपा के पाले में नजर आए। जकांछ सुप्रीमों ने राजनीतिक रूप से चल रही अटकलबाजी पर फिलहाल विराम लगा दिया है।