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सिर फटने जैसा दर्द भी होगा छूमंतर माइग्रेन के अटैक को रोकने के लिए अपनाएं ये नेचुरल नुस्खे…

सिर फटने जैसा दर्द भी होगा छूमंतर माइग्रेन के अटैक को रोकने के लिए अपनाएं ये नेचुरल नुस्खे…

नई दिल्ली। आज के दौर में तनाव और भागदौड़ भरी जिंदगी के कारण माइग्रेन एक गंभीर समस्या बन गया है। एनसीबीआई की रिपोर्ट के अनुसार यह केवल सिरदर्द नहीं बल्कि एक जटिल न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है। अगर आप भी आधे सिर के दर्द, उल्टी और धुंधलेपन से परेशान हैं तो ये 5 प्राकृतिक तरीके आपके लिए संजीवनी साबित हो सकते हैं।

माइग्रेन को अक्सर लोग सामान्य सिरदर्द समझकर नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इसे हल्के में लेना भारी पड़ सकता है। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें मस्तिष्क के अलग-अलग हिस्सों में तीव्र दर्द महसूस होता है। हालांकि इसे पूरी तरह खत्म करना चुनौतीपूर्ण है, लेकिन अपनी जीवनशैली में बदलाव और कुछ असरदार घरेलू उपायों से इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

सिकाई
गर्म और ठंडी थेरेपी माइग्रेन के दर्द में तापमान का सही इस्तेमाल राहत दिला सकता है। माथे और गर्दन के पीछे ठंडी सिकाई करने से रक्त वाहिकाएं सुकुड़ती हैं और दर्द कम होता है। वहीं कंधों और गले पर गर्म सिकाई करने से तनावग्रस्त मांसपेशियों को आराम मिलता है

हाइड्रेशन
पानी की कमी है बड़ा दुश्मन शरीर में पानी की कमी ऑक्सीजन के स्तर को प्रभावित करती है, जो माइग्रेन को ट्रिगर कर सकता है। हेल्थलाइन के मुताबिक, रोजाना 8 से 10 गिलास पानी पीना अनिवार्य है। हाइड्रेशन के लिए नारियल पानी भी एक बेहतरीन विकल्प है।

स्ट्रेस मैनेजमेंट और योग
तनाव माइग्रेन का सबसे बड़ा कारण है। विशेषज्ञों का कहना है कि रोजाना ध्यान और योग करने से न केवल माइग्रेन कम होता है बल्कि यह इनफर्टिलिटी जैसी अन्य समस्याओं में भी सुधार लाता है।

गहरी नींद
नींद की कमी सीधे तौर पर माइग्रेन अटैक को न्योता देती है। एक आरामदायक कमरा, अंधेरा और सोने से पहले मोबाइल से दूरी बनाने से नींद की गुणवत्ता सुधरती है जिससे सिरदर्द की फ्रीक्वेंसी कम हो जाती है।

अदरक और पेपरमिंट का कमाल
हर्बल उपचार में अदरक की चाय माइग्रेन के लिए रामबाण मानी जाती है। इसके अलावा पेपरमिंट ऑयल की ठंडक सिर पर लगाने से नसों को सुकून मिलता है और दर्द से तत्काल राहत महसूस होती है।

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