रायपुर की जमीन के लिए मध्य प्रदेश में मर्डर, सिविल कॉन्ट्रैक्टर को पांच लोगों ने उतारा मौत के घाट, ऐसे दिया पूरी वारदात को अंजाम

जबलपुर। छत्तीसगढ़ के रायपुर में 15 एकड़ ज़मीन का विवाद एमपी के जबलपुर में एक सिविल कॉन्ट्रैक्टर की हत्या का सबब बन गया। जी हाँ , जबलपुर में सिविल कॉन्ट्रैक्टर और इंजीनियर क्लेरिंस एटकिंस के अंधे हत्याकाण्ड का खुलासा हो गया है। पुलिस ने इस हत्याकाण्ड में 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है जबकि मास्टरमाईंड बाबा नेल्सन सहित 3 आरोपी फरार हैं।
पुलिस जांच में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि जबलपुर के क्लेरिंस ने अपने दूर के रिश्तेदार बाबा नेल्सन के साथ रायपुर में 15 एकड़ जमीन का सौदा किया था। ये सौदा रायपुर के अजय खराड़कर से किया गया था जिस पर दबाव डालकर बाबा नेल्सन ने ज़मीन की रजिस्ट्री, छिंदवाड़ा की मीनाक्षी विश्वकर्मा के नाम करवा दी थी। मृतक क्लेरिंस को जब इसका पता लगा तो उसने रायपुर जिला अदालत में एक सिविल शूट फाईल किया और ज़मीन की रजिस्ट्री शून्य करने की मांग कर दी।इसके बाद से आरोपी बाबा नेल्सन , मृतक पर सिविल शूट वापिस लेने का दबाव बना रहा था। ऐसा ना करने पर नेल्सन ने क्लेरिंस की हत्या की साजिश बना ली।
क्या है पूरा मामला?
बीती 23 अप्रैल को जब क्लेरिंस जबलपुर के रांझी इलाके में, अपने बेटे को स्कूल छोड़कर लौट रहा था तो 2 हमलावरों ने गोली मारकर उसकी हत्या कर दी थी। सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल और पूछताछ में पता चला कि मृतक का प्रॉपर्टी विवाद जबलपुर के ही बाबा नेल्सन के साथ चल रहा था। पुलिस की पूछताछ में पता चला कि क्लेरिंस की हत्या के बाद से ही नेल्सन अपने बेटे प्रिंस के साथ घर छोड़कर कहीं चला गया है। ऐसे में पुलिस का शक गहरा गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे बाईकसवारों को नाकाबंदी की मदद से बरेला टोलप्लाज़ा के पास धर दबोचा। 20 साल के ये दोनों आरोपी मोहित और अरुण थे जिन्होने पूछताछ में बाबा नेल्सन की साजिश में शामिल होने की बात कुबूल ली। फिलहाल पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है जबकि हत्याकाण्ड का मास्टरमाईंड बाबा नेल्सन और उसके बेटे प्रिंस सहित 3 आरोपी फरार हैं। रांझी थाना पुलिस बाकी फरार तीनों आरोपियों की तलाश कर रही है।



