छत्तीसगढ़बीजापुर

सरकारी दुकानों में शराब नहीं, बाहर ब्लैक में बिक्री, 80 रुपए का क्वार्टर 200 में बिका

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सरकारी शराब दुकानों के बाहर ब्लैक मार्केटिंग का खेल खुलकर सामने आ गया है। कोटा इलाके की सरकारी दुकान के सामने प्लास्टिक बोरी में देसी शराब बेची जा रही थी, जहां 80 रुपये का क्वार्टर 200 रुपये में बिक रहा था। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो ने पूरे मामले को उजागर कर दिया है।

नई पैकेजिंग नीति से शराब की कमी

1 अप्रैल से लागू हुई नई नीति के तहत शराब को PET प्लास्टिक बोतलों में पैक करने का आदेश दिया गया था। लेकिन पर्याप्त बोतलों की उपलब्धता न होने से उत्पादन और आपूर्ति दोनों प्रभावित हुई है। बिलासपुर में रोजाना 4,500 पेटी शराब की मांग है, लेकिन केवल 1,000 से 1,500 पेटी ही उपलब्ध हो पा रही है। इसी कमी का फायदा उठाकर ब्लैक में महंगे दामों पर शराब बेची जा रही है।

पुलिस ने की कार्रवाई

कोटा शराब दुकान के सामने चखना सेंटर में ब्लैक मार्केटिंग का वीडियो तेजी से वायरल हुआ। इसमें स्पष्ट दिख रहा है कि देसी शराब बोरी में भरकर बेची जा रही है। वीडियो वायरल होने के बाद कोटा पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और झूनझाट इलाके में छापा मारा। पुलिस ने रोहन साहू (19) के कब्जे से 16 क्वार्टर देसी शराब बरामद की और उसे गिरफ्तार कर लिया। दूसरे युवक को बिना शराब बरामद होने के कारण छोड़ दिया गया।

आबकारी विभाग पर मिलीभगत के आरोप

शराब पीने वाले और स्थानीय लोगों का आरोप है कि आबकारी विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की मिलीभगत से यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है। दुकानों में शराब की कमी होने के कारण कोचियों (ब्लैक विक्रेताओं) को आसानी से शराब उपलब्ध कराई जा रही है, जो फिर महंगे दामों पर बेच रहे हैं।

प्रशासन की स्थिति

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आबकारी विभाग की ओर से भी इसकी जांच की जा रही है। बिलासपुर में शराब की किल्लत ने न केवल देसी शराब बल्कि अंग्रेजी शराब और बीयर की मांग को भी प्रभावित किया है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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