
PDS घोटाला या लापरवाही? खाद्यान्न नहीं मिलने पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
तिल्दा। राजधानी रायपुर के तिल्दा-नेवरा क्षेत्र से बड़ी खबर आई है। जहां सरकार की महत्वाकांक्षी सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी PDS योजना पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं ग्राम पंचायत सरोरा में गरीबों के हक का राशन ही गायब हो गया है। मार्च महीने का खाद्यान्न नहीं मिलने से आक्रोशित ग्रामीण अब आंदोलन की राह पर हैं ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है “मार्च का राशन नहीं मिला तो अप्रैल का भी नहीं लेंगे!” aतस्वीरें तिल्दा-नेवरा क्षेत्र के ग्राम पंचायत सरोरा की हैं जहां बड़ी संख्या में ग्रामीण पंचायत कार्यालय में जमा हुए गुस्से में दिख रहे इन ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें मार्च महीने का खाद्यान्न अब तक नहीं मिला है सरकार एक तरफ गरीबों को मुफ्त राशन देने का दावा करती है तो वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला लेकिन राशन आज तक नहीं मिला ग्रामीणों ने अब प्रशासन को सीधी चेतावनी दे दी है आगामी सोमवार को अनुविभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मार्च महीने के बकाया खाद्यान्न की मांग की जाएगी और अगर उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया तो ग्रामीण सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
अब सवाल ये उठता है कि आखिर गरीबों के हक का राशन कहां गया? क्या ये सिर्फ लापरवाही है या फिर सिस्टम में कहीं बड़ा खेल?
फिलहाल निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि वो इस गंभीर मामले में क्या कार्रवाई करता है।



