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Vedanta Plant Blast: बॉयलर विस्फोट में 20 मजदूरों की मौत, FIR में चेयरमैन अनिल अग्रवाल समेत 19 पर मामला दर्ज

सक्ती/रायगढ़। Vedanta Group के पावर प्लांट में 14 अप्रैल को हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक हादसे में 20 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 16 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घटना के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और पुलिस ने 19 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

हादसे में 20 मजदूरों की दर्दनाक मौत

जानकारी के मुताबिक, प्लांट के बॉयलर में अचानक हुए विस्फोट के कारण मौके पर अफरा-तफरी मच गई। धमाका इतना जोरदार था कि कई मजदूर इसकी चपेट में आ गए और मौके पर ही दम तोड़ दिया। प्रशासन द्वारा जारी मृतकों की सूची के अनुसार, 5 मजदूर छत्तीसगढ़ के निवासी थे, जबकि 15 मृतक अन्य राज्यों से आए हुए श्रमिक थे।घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। कई घायलों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। इलाज रायगढ़ और रायपुर के विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है।

19 लोगों के खिलाफ FIR, बड़े नाम शामिल

इस हादसे के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 19 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इसमें कंपनी के चेयरमैन अनिल अग्रवाल और प्लांट हेड देवेंद्र पटेल का नाम भी शामिल है।प्रशासन का कहना है कि प्रारंभिक जांच में लापरवाही के संकेत मिले हैं, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई है। आगे की जांच में दोषियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश

घटना के बाद विष्णुदेव साय ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि इस हादसे में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के लिए 5 लाख रुपये और घायलों के लिए 50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है।

PMO और कंपनी ने भी किया मुआवजे का ऐलान

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने भी इस हादसे पर दुख जताते हुए मुआवजे की घोषणा की है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये दिए जाएंगे।वहीं, Vedanta Group ने भी अपनी ओर से मृतकों के परिजनों को 35-35 लाख रुपये और घायलों को 15-15 लाख रुपये देने की घोषणा की है।

जांच और जिम्मेदारी तय करने पर सबकी नजर

इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और मजदूर संगठनों ने घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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