
आईपीएल मैच बना धन कमाने का माध्यम, प्रदेश के युवा खेल प्रेमियों में भारी निराशा – परमानंद जांगड़े
प्रभावित स्थानीय लोगों को टिकट एवं रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग
रायपुर। छत्तीसगढ़ को आईपीएल मैचों की मेजबानी मिलने के बाद राजधानी रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित मैच अब खेल भावना से अधिक धन कमाने का माध्यम बन गए हैं। इससे प्रदेश के युवाओं एवं खेल प्रेमियों में भारी निराशा और आक्रोश व्याप्त है। राज्य सरकार इस पूरे मामले पर नियंत्रण करने में पूरी तरह विफल साबित हुई है।
आम आदमी पार्टी के नेता परमानंद जांगड़े एवं विजय कुमार झा ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि आईपीएल मैचों के आयोजन से पहले मेरिट में आने वाले विद्यार्थियों को निशुल्क पास देने का वादा किया गया था, लेकिन बाद में छात्रों को पास नहीं दिए गए। इससे प्रदेश के हजारों युवा एवं खेल प्रेमी स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि स्टेडियम परिसर में खाद्य सामग्री एवं पेय पदार्थों की कीमतों में मनमानी वृद्धि की गई है। ₹20 में मिलने वाला समोसा ₹100 में तथा ₹20 की पानी की बोतल ₹150 में बेची जा रही है। इसी प्रकार चाय, नाश्ता एवं अन्य खाद्य सामग्री के दाम भी सामान्य कीमत से कई गुना अधिक वसूले जा रहे हैं।
पार्टी नेताओं का कहना है कि स्टेडियम में लगाए गए चाय-नाश्ते एवं खानपान के स्टॉल अपने करीबी लोगों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से आवंटित किए गए हैं, जबकि नई राजधानी क्षेत्र के प्रभावित एवं स्थानीय लोगों को व्यापार में कोई अवसर नहीं दिया गया। साथ ही स्थानीय नागरिकों एवं खेल प्रेमियों को मैच देखने में भी किसी प्रकार की रियायत नहीं दी गई।
नेताओं ने कहा कि जिस क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने और खेल संस्कृति को विकसित करने के उद्देश्य से किया गया था, उसे अब केवल धन कमाने का जरिया बना दिया गया है। इससे प्रदेश के युवाओं में सरकार एवं आयोजकों के प्रति गहरी नाराजगी देखी जा रही है।
आम आदमी पार्टी विधानसभा आरंग के नेता परमानंद जांगड़े, डागेश्वर भारती, राजू कुर्रे, देवेन्द्र बंजारे, राकेश जांगड़े, डोमार भारद्वाज एवं उमाकांत वर्मा सहित अन्य नेताओं ने मांग की है कि आईपीएल मैचों के दौरान प्रभावित स्थानीय लोगों को टिकट वितरण में प्राथमिकता दी जाए तथा स्टेडियम परिसर में चाय, पानी, नाश्ता एवं अन्य वेंडर दुकानों के संचालन हेतु स्थानीय लोगों को प्राथमिकता के आधार पर अवसर उपलब्ध कराया जाए।




