
अंक तालिका में शीर्ष पर चल रही आरसीबी जीत दर्ज कर अंतिम चार में अपनी जगह लगभग पक्की करना चाहेगी, जबकि केकेआर के लिए यह मुकाबला ‘करो या मरो’ जैसा है। हार मिलने पर कोलकाता की प्लेऑफ उम्मीदों को बड़ा झटका लग सकता है।
बल्लेबाजी पर सवाल
इस सीजन में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाली आरसीबी की बल्लेबाजी पिछले कुछ मैचों में दबाव में नजर आई है। मुंबई इंडियंस के खिलाफ पिछले मुकाबले में टीम को 167 रन के लक्ष्य तक पहुंचने में संघर्ष करना पड़ा था। उस मैच में क्रुणाल पंड्या की जिम्मेदार पारी और भुवनेश्वर कुमार के अहम छक्कों ने टीम को जीत दिलाई थी।
कप्तान रजत पाटीदार की फॉर्म टीम के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। पिछले छह मुकाबलों में वह सिर्फ एक बार ही अर्धशतक लगा सके हैं। हालांकि विराट कोहली लगातार टीम की बल्लेबाजी की रीढ़ बने हुए हैं। वहीं देवदत्त पडिक्कल और टिम डेविड ने भी जरूरत के समय अहम पारियां खेली हैं।
रायपुर की पिच पर स्पिनरों की होगी परीक्षा
रायपुर की पिच पिछले मुकाबलों में धीमी और स्पिन गेंदबाजों के अनुकूल नजर आई है। ऐसे में केकेआर की स्पिन जोड़ी सुनील नरेन और वरुण चक्रवर्ती आरसीबी के बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकती है।
इसके अलावा वैभव अरोड़ा, कार्तिक त्यागी और अनुकूल राय ने भी हालिया मैचों में प्रभाव छोड़ा है। अगर पिच पर गेंद रुककर आती है, तो केकेआर के गेंदबाज मैच का रुख बदल सकते हैं।
केकेआर पर बढ़ा दबाव
तीन बार की चैंपियन केकेआर इस समय अंक तालिका में निचले हिस्से में संघर्ष कर रही है। टीम के खाते में 10 मैचों में सिर्फ 9 अंक हैं और अब हर मुकाबला उसके लिए बेहद अहम हो चुका है।
कप्तान अजिंक्य रहाणे निरंतरता नहीं दिखा पाए हैं, लेकिन रिंकू सिंह, अंगकृष रघुवंशी और फिन एलन ने पिछले मैचों में उपयोगी प्रदर्शन किया है। वहीं कैमरन ग्रीन ने भी बल्ले से योगदान देना शुरू कर दिया है।
हालांकि केकेआर को आरसीबी के अनुभवी तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड और भुवनेश्वर कुमार की चुनौती से पार पाना होगा।
अब देखना दिलचस्प होगा कि रायपुर में होने वाली यह बड़ी भिड़ंत किस टीम के प्लेऑफ सपनों को मजबूत करती है और किसके सफर पर संकट खड़ा करती है।



