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ओपन बोर्ड परीक्षा में नकल का बड़ा खुलासा, CCTV फुटेज वायरल होने से मचा हड़कंप, खुलेआम चिट से पर्चा लिखते…

बलौदाबाजार। जिले के कसडोल क्षेत्र में आयोजित ओपन बोर्ड परीक्षा अब विवादों में घिर गई है। पीएम श्री आत्मानंद विद्यालय में संचालित परीक्षा केंद्र का एक कथित CCTV फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें परीक्षा के दौरान गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए जा रहे हैं। वायरल वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है और पूरे मामले को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।

बताया जा रहा है कि वायरल फुटेज 30 मार्च 2026 का है। वीडियो में परीक्षा केंद्र के भीतर कथित तौर पर परीक्षार्थियों को खुलेआम सहायता दिए जाने और नकल कराए जाने जैसे दृश्य दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। इतना ही नहीं, उत्तरमाला की फोटोकॉपी बांटे जाने की चर्चा भी तेज हो गई है। हालांकि वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है, लेकिन मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

स्थानीय लोगों और अभिभावकों का आरोप है कि परीक्षा केंद्र में नियमों का खुला उल्लंघन किया गया। आरोप है कि परीक्षा के दौरान निगरानी व्यवस्था कमजोर रही और कुछ लोगों को परीक्षा कक्ष के भीतर स्वतंत्र रूप से आवाजाही करते देखा गया। इससे यह सवाल उठ रहा है कि आखिर परीक्षा केंद्र में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए तय मानकों का पालन क्यों नहीं किया गया।

मामले को लेकर अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि यदि परीक्षा जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में इस तरह की अनियमितताएं होती हैं, तो मेहनत करने वाले विद्यार्थियों के साथ अन्याय होता है। कई लोगों ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

शिक्षा जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि ओपन बोर्ड परीक्षा उन विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर होती है, जो विभिन्न कारणों से नियमित शिक्षा व्यवस्था से दूर हो जाते हैं। ऐसे में यदि परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं, तो इससे पूरे सिस्टम की विश्वसनीयता प्रभावित होती है।

वायरल CCTV फुटेज को लेकर सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। लोग शिक्षा विभाग की निगरानी प्रणाली और परीक्षा संचालन की पारदर्शिता पर सवाल उठा रहे हैं। कई यूजर्स ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही है।

हालांकि इस पूरे विवाद पर अब तक शिक्षा विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। विभागीय अधिकारियों की चुप्पी के कारण मामला और अधिक चर्चा में बना हुआ है। माना जा रहा है कि वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासनिक स्तर पर जांच की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।

 

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