
बिलासपुर। बिलासपुर जिले से एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। कोटा थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े एक युवक की लाठी-डंडों और हाथ-मुक्कों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इस घटना ने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मृतक की पहचान मोहन पांडेय के रूप में हुई है, जो करगी खुर्द के कोरी पारा का निवासी था और फिलहाल गनियारी भाड़म में रह रहा था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मोहन पांडेय का गांव के ही राजाराम साहू से लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी पुरानी रंजिश ने इस हत्या की घटना को जन्म दिया।
बताया जा रहा है कि घटना के दिन आरोपियों ने पहले से ही योजना बनाकर मोहन पांडेय को घेर लिया। इसके बाद लाठी-डंडों और हाथ-मुक्कों से उसकी जमकर पिटाई की गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपियों ने उसे इतनी बेरहमी से पीटा कि उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। यह पूरी घटना दिनदहाड़े हुई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
घटना के दौरान जब शरद कौशिक नामक युवक बीच-बचाव करने पहुंचा, तो आरोपियों ने उसे भी नहीं छोड़ा और उसके साथ भी मारपीट की। इस हमले में शरद कौशिक घायल हो गया, जिसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही कोटा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी राजाराम साहू को हिरासत में ले लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस टीम संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का दावा कर रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम को भी मौके पर बुलाया गया है, जो घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वैज्ञानिक जांच के आधार पर पूरे मामले की तह तक पहुंचा जाएगा और सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।स्थानीय लोगों के अनुसार, मृतक और आरोपी के बीच काफी समय से विवाद चल रहा था, लेकिन इस विवाद ने इतना हिंसक रूप ले लिया, इसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी। इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है और लोग भयभीत हैं।
पुलिस प्रशासन ने क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि व्यक्तिगत रंजिश किस तरह समाज में हिंसा का कारण बन रही है। समय रहते यदि ऐसे विवादों का समाधान किया जाए, तो इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है।



