
कोरबा। कोरबा में अब जमीन-जायदाद के बाद शौचालय बेचने का मामला सामने आया है। आरोप है कि शासन ने बहुओं के सम्मान और सुविधा के लिए उनके नाम पर शौचालय बनवाया था। लेकिन इस शौचालय पर ससुर और जेठ की बुरी नजर पड़ गयी। लिहाजा शौैचालय को ही संपत्ति समझकर बेच डाला। ये पूरा मामला तब और दिलचस्प हो गया जब विरोध करने वाली बहुओं को ही ससुर ने शौचालय इस्तेमाल करने से रोक दिया गया। अब इस पूरे मामले पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक शौचालय बेचने का ये अनोखा मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। थाने में शिकायत दर्ज कराने वाली पीड़िता सरिता का आरोप है कि सरकारी योजना के तहत उसके नाम पर बनेे शौचालय कोे ससुर और जेठ ने मिलकर किसी और को बेच दिया। इसके बाद हालत ये हो गई कि बहुओं को मजबूरी में ससुर के शौचालय का उपयोग करना पड़ रहा था। जहां इस बात को लेकर अक्सर विवाद और शौचालय के उपयोग पर बहुओं के लिए प्रतिबंध की धमकी दी जानेे लगी।
परिवार ने परिवार से अलग रहने पर शौचालय भी अलग बनाने की बात कह दी। लेकिन जब बहुओं ने नया शौचालय बनाने के लिए थोड़ी सी जगह मांगी, तो ससुर और जेठ ने इस पर भी आपत्ति जता दी। इधर दूसरी बहू नेहा देवी नेे आरोेप लगाया है कि उसने घर के नल से पानी भर लिया। इसके बाद उसके साथ भी गाली-गलौच और धमकी दे दी गयी। पीड़ित बहुओं ने जब सिविल लाइन थाने अपनी शिकायत लेकर पहुंची, तो कुछ देेर के लिए पुलिस अधिकारी और कर्मचारी भी असमंजस में पड़ गये। फिलहाल पुलिस ने पीड़ित बहुओं की रिपोर्ट पर ससुर सुबोध सिंह, जेठ रंजीत सिंह, सास गिरजा देवी और जेठानी मीरा देवी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।



